सुपवा विशेषज्ञ ने स्कूली छात्रों को सिखाए देवनागरी कैलीग्राफी के गुर

कार्यशाला में सुंदर लिखावट के साथ रचनात्मकता निखारने के दिए टिप्स

सुपवा विशेषज्ञ ने स्कूली छात्रों को सिखाए देवनागरी कैलीग्राफी के गुर

रोहतक, गिरीश सैनी। दादा लख्मी चंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विवि (डीएलसी सुपवा) द्वारा आउटरीच कार्यक्रम के तहत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, घरावठी में देवनागरी कैलीग्राफी कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें विद्यार्थियों को हिंदी अक्षरों को सुंदर, स्पष्ट और आकर्षक ढंग से लिखने का प्रशिक्षण दिया गया।

सुपवा के एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी एवं पेंटिंग विभागाध्यक्ष डॉ. प्रकाश दास खांडेय ने विद्यार्थियों को अक्षरों की बनावट, रेखाओं की मोटाई, शब्दों के बीच उचित दूरी और लिखावट में संतुलन बनाए रखने के गुर सिखाए। विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रकार के पेन, ब्रश और रंगों का प्रयोग कर हिंदी के अक्षरों, शब्दों और प्रेरणादायक विचारों को कलात्मक शैली में लिखने का अभ्यास किया।

उन्होंने कहा कि कैलीग्राफी केवल सुंदर लिखावट की कला नहीं, बल्कि धैर्य, एकाग्रता, अनुशासन और रचनात्मकता विकसित करने का भी माध्यम है। स्कूल प्राचार्य राकेश सत्यप्रिया ने कहा कि ऐसी गतिविधियां विद्यार्थियों में हिंदी के प्रति प्रेम बढ़ाने के साथ भारतीय लिपि और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में भी सहायक हैं।

इस दौरान डॉ. खांडेय ने विद्यार्थियों को सुपवा के रचनात्मक एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों और कला के क्षेत्र में करियर की संभावनाओं की जानकारी भी दी।