सुपवाः ज्यूरी के दौरान छात्रों ने ऐतिहासिक व जलवायु संवेदी वास्तुकला के साथ बनाए शहरी संरचना मॉडल
रोहतक, गिरीश सैनी। दादा लख्मी चंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विवि (डीएलसी सुपवा), रोहतक के प्लानिंग एवं आर्किटेक्चर के छात्रों ने ज्यूरी में पहुंचे एक्सटर्नल एक्सपर्ट्स के सम्मुख ऐतिहासिक संरचना व जलवायु संवेदी वास्तुकला को ध्यान में रखते हुए शहरी संरचना मॉडल प्रस्तुत किए। शैक्षणिक सीख व रचनात्मकता दर्शाते इन मॉडल को ज्यूरी सदस्यों ने सराहा।
प्लानिंग एवं आर्किटेक्चर फैकल्टी के एफसी अजयबाहू जोशी ने बताया कि बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर द्वितीय वर्ष के छात्रों ने ग्राफिकल प्रस्तुतियों व वास्तुकला डिजाइन के जरिए गुणवत्ता बढ़ाने पर जोर दिया। ज्यूरी सदस्य प्रमुख वास्तुकार खुर्रम अली ने छात्रों द्वारा प्रयोग वॉटरकलर रेंडरिंग, पेंसिल रंग अनुप्रयोगों और पर्सपेक्टिव व्यूज के लिए डाइनामिक पेन स्केचिंग विधियों की सराहना की।
बैचलर इन आर्किटेक्चर के चतुर्थ सेमेस्टर के छात्रों की बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन व मेटेरियल्स ज्यूरी लेने आर्किटेक्ट डॉ प्रभजोत सिंह सग्गा के अनुसार इस सेमेस्टर के छात्रों का पूरा ध्यान स्टील को निर्माण सामग्री के रूप में और अधिक बढ़ाने पर रहा। छात्रों ने ट्रस, मेजेनाइन फ्लोर, रोलिंग शटर व कॉलेप्सिबल डोर डिजाइन आदि का प्रदर्शन किया।
वहीं, आर्किटेक्चर के छठे सेमेस्टर की वर्किंग ड्रॉइंग्स ज्यूरी सदस्य के तौर पर पहुंचे सीपीडब्ल्यूडी के पूर्व मुख्य वास्तुकार रविंदर कुमार काकर ने नवोदित वास्तुकारों का मार्गदर्शन किया। इस दौरान छात्रों ने 20 अत्यंत विस्तृत शीट्स वाले व्यापक, स्टूडियो पर्यवेक्षित निर्माण पोर्टफोलियो प्रस्तुत किए। चौथे सेमेस्टर के छात्रों ने किलाजफरगढ़ की ऐतिहासिक बस्ती पर केंद्रित वर्नाक्यूलर स्टूडियो के अपने व्यापक वास्तुशिल्प डिजाइन प्रोजेक्ट ज्यूरी में रखे। विस्तृत साइट विश्लेषण व क्षेत्रीय दस्तावेजीकरण से लेकर संवेदी भौतिक मॉडलों तक छात्रों ने पारंपरिक स्थानिक योजना, स्थानीय सामग्री का प्रदर्शन और संवेदनशील डिजाइन में गहरी दिलचस्पी दिखाई।
छठे सेमेस्टर के छात्रों ने व्यापक वास्तुशिल्प डिजाइन प्रोजेक्ट्स सफलतापूर्वक प्रस्तुत किए, जिसमें उन्होंने विस्तृत साइट प्लानिंग से लेकर अभिनव पैसिव रणनीतियों के साथ आधुनिक वाणिज्यिक प्रोग्रामिंग, ऊर्जा संवेदी तकनीकों व पर्यावरणीय प्रदर्शन में गहरी समझ दिखाई। डॉ ईवा पाराशर ने बतौर एक्सटर्नल एक्सपर्ट शहरी संरचना, ऐतिहासिक परिदृश्य व जलवायु संवेदी वास्तुकला में छात्रों की गहन समीक्षाओं और शैक्षणिक विशेषज्ञता की सराहना की।

Girish Saini 

