रोहतक में 1 अप्रैल से शुरू होगा सुपर-40 कार्यक्रम, नीट-जेईई की नि:शुल्क कोचिंग मिलेगीः उपायुक्त सचिन गुप्ता
सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक उत्कृष्टता और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की दिशा में बड़ा कदम।
रोहतक, गिरीश सैनी। उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक उत्कृष्टता और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए जिला प्रशासन 1 अप्रैल 2026 से सुपर-40 कार्यक्रम शुरू करेगा। यह कार्यक्रम राज्य सरकार की सुपर-100 पहल की तर्ज पर संचालित किया जाएगा। इस कार्यक्रम के तहत चयनित कक्षा 11 के विद्यार्थियों को विषय विशेषज्ञों द्वारा नीट और जेईई परीक्षाओं की नि:शुल्क कोचिंग प्रदान की जाएगी।
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने शिक्षा विभाग और समग्र शिक्षा की प्रगति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि जिला प्रशासन निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को प्राप्त करने तथा कक्षा तृतीय तक के विद्यार्थियों में 100 प्रतिशत आधारभूत सीखने की दक्षता सुनिश्चित करने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। जिला के 100 प्रतिशत प्राथमिक विद्यालयों में वर्तमान में जीरो-पीरियड रेमेडियल कक्षाएं संचालित की जा रही हैं, जिससे अतिरिक्त शैक्षणिक सहायता की आवश्यकता वाले विद्यार्थियों को पुनरावृत्ति और विषयों को बेहतर ढंग से समझने का अवसर मिल रहा है।
उपायुक्त ने कहा कि सीखने के स्तर और दक्षता का आंकलन करने के लिए कक्षा तृतीय के विद्यार्थियों की स्कूल-वार मूल्यांकन परीक्षाएं 16 मार्च से 25 मार्च के बीच आयोजित की जाएंगी, जिनमें लिखित और मौखिक दोनों प्रकार के परीक्षण शामिल होंगे। इन परिणामों के आधार पर सीखने की कमियों की पहचान कर लक्षित हस्तक्षेप किए जाएंगे, ताकि 100 प्रतिशत ग्रेड दक्षता का लक्ष्य हासिल किया जा सके। उन्होंने वार्षिक मूल्यांकन की तैयारियों की भी समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विद्यालयों में मानकीकृत रिवीजन पेपर और दक्षता-आधारित प्रश्न पत्र लागू किए जाएं।
उपायुक्त ने जिला में संचालित विभिन्न शैक्षणिक पहलों की प्रगति की भी समीक्षा की। सक्षम एलिमेंटरी कार्यक्रम के तहत डाइट मदीना के संकाय सदस्य कक्षा चौथी से आठवीं तक की कक्षाओं की नियमित निगरानी कर रहे हैं, जिससे शिक्षण पद्धति मजबूत हो रही है, विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ रही है और सीखने के परिणाम बेहतर हो रहे हैं। रोहतक ने नींव कार्यक्रम के तहत भी उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। विज्ञान विषयों में अनुभवात्मक सीखने को बढ़ावा देने के लिए स्पार्क गतिविधियां कई विद्यालयों में आयोजित की गईं। स्टीम पहल के तहत विद्यार्थियों को प्रोजेक्ट-आधारित सीखने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
बैठक में इंस्पायर अवार्ड-मानक कार्यक्रम की प्रगति की भी समीक्षा की गई। इसके अंतर्गत रोहतक जिले के 44 विद्यार्थियों का चयन उनके अभिनव वैज्ञानिक विचारों के लिए किया गया है। प्रत्येक चयनित विद्यार्थी को प्रोटोटाइप विकसित करने के लिए 10,000 रुपये की सहायता प्रदान की जा रही है, जिनमें से 28 विद्यार्थी सरकारी स्कूलों से हैं। वर्तमान में जिला के 25 विद्यालयों में गणित ओलंपियाड की कोचिंग दी जा रही है। उपायुक्त ने एनएसक्यूएफ के तहत संचालित व्यावसायिक शिक्षा पहलों की भी समीक्षा की। वर्तमान में जिला के 66 विद्यालयों में 14 स्किल ट्रेड के माध्यम से 7,651 विद्यार्थियों को करियर-उन्मुख शिक्षा प्रदान की जा रही है। नई भारत साक्षरता मिशन के अंतर्गत चलाए जा रहे उल्लास कार्यक्रम की शुरुआत से अब तक जिला के 23 हजार से अधिक वयस्क शिक्षार्थी आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मकता आकलन परीक्षा सफलतापूर्वक पास कर चुके हैं।
उपायुक्त ने जिला में स्कूल से बाहर बच्चों की स्थिति की भी समीक्षा की। जिला में ऐसे चिन्हित 287 बच्चों में से 172 को दोबारा स्कूलों में दाखिला दिलाया जा चुका है, जबकि शेष बच्चों के नामांकन की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकारी स्कूलों में कक्षा 12 के विद्यार्थियों के लिए करियर काउंसलिंग सुनिश्चित की जाए, नियमित पीटीएम-संवाद बैठकों के माध्यम से अभिभावक-शिक्षक सहभागिता मजबूत की जाए और गतिविधि-आधारित शिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि शैक्षणिक परिणामों में और सुधार हो सके।
इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी मंजीत मलिक, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी दिलजीत सिंह, जिला परियोजना समन्वयक सुमन हुड्डा, उप जिला शिक्षा अधिकारी सुनीता चहल एवं नरेश कुमार, एफएलएनसी रूपांशी हुड्डा, खंड शिक्षा अधिकारी गीता देवी, सुरजभान, संजय कुमार, सतेंद्र, डीएमएस दीपक अरोड़ा, डाईट से अंग्रेजी प्राध्यापिका मनीषा, प्राध्यापक रोमी कुमार के अलावा एपीसी सुरेंद्र कुमार, उपमंडल अभियंता अनिल दूहन आदि मौजूद रहे।

Girish Saini 

