सुपवा में कला की बारीकियां सीख रहे विद्यार्थी
दो दिवसीय वर्कशॉप में अवलोकन क्षमता, कल्पनाशक्ति और रचनात्मकता निखारने पर जोर
रोहतक, गिरीश सैनी। दादा लख्मी चंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विवि (डीएलसी सुपवा) में विजुअल आर्ट्स के फाउंडेशन छात्रों की कलात्मक दृष्टि विकसित करने के लिए दो दिवसीय वर्कशॉप शुरू हुई। देखना, पढ़ना और चित्र बनाना विषय पर आयोजित वर्कशॉप में नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट्स के असिस्टेंट क्यूरेटर अर्घा कमल गांगुली विद्यार्थियों को कला की बारीकियों से अवगत करा रहे हैं।
विजुअल आर्ट्स फैकल्टी के एफसी विनय कुमार ने बताया कि वर्कशॉप का उद्देश्य विद्यार्थियों की अवलोकन क्षमता, कल्पनाशक्ति और चित्रांकन कौशल को निखारना है। इसमें उन्हें समझाया जा रहा है कि चित्र बनाना केवल किसी वस्तु या दृश्य की नकल करना नहीं, बल्कि उसके रंग, बनावट, भाव और संदर्भ को समझना भी है।
विशेषज्ञ गांगुली ने विद्यार्थियों को आसपास की वस्तुओं, लोगों और दृश्यों का बारीकी से निरीक्षण करने तथा कलाकृतियों में रंगों, रेखाओं, आकृतियों और प्रतीकों के महत्व को समझने के लिए प्रेरित किया। व्यावहारिक गतिविधियों और संवाद के माध्यम से विद्यार्थी अपने विचारों को चित्रों में व्यक्त करने का अभ्यास कर रहे हैं। वर्कशॉप में स्वतंत्र चिंतन और मौलिक कलात्मक शैली विकसित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।

Girish Saini

