सुपवा में छात्रों को एआई के उपयोग और नैतिक पहलुओं की जानकारी दी

कार्यशाला में सीखने, विश्लेषण और रचनात्मकता बढ़ाने में एआई की भूमिका पर जोर

सुपवा में छात्रों को एआई के उपयोग और नैतिक पहलुओं की जानकारी दी

रोहतक, गिरीश सैनी। दादा लख्मी चंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विवि (डीएलसी सुपवा) में फाउंडेशन के छात्रों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में बतौर मुख्य वक्ता, अंशुल सिंह ने एआई की उपयोगिता, संभावनाओं और चुनौतियों की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि एआई शिक्षा, चिकित्सा, कृषि, उद्योग, बैंकिंग और न्याय व्यवस्था सहित विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। विजुअल आर्ट्स, डिजाइन और आर्किटेक्चर के छात्रों के लिए भी यह तकनीक उपयोगी है।

कार्यशाला में एआई के जिम्मेदार और नैतिक उपयोग पर जोर दिया गया। छात्रों को जानकारी की विश्वसनीयता जांचने, निजी डेटा सुरक्षित रखने, बौद्धिक संपदा का सम्मान करने और शैक्षणिक ईमानदारी बनाए रखने के प्रति जागरूक किया गया। वक्ता ने कहा कि एआई का उद्देश्य मानवीय क्षमताओं को बढ़ाना है, न कि स्वतंत्र सोच और रचनात्मकता का विकल्प बनना।