शिक्षक दिवस पर स्त्री शक्ति संगठन व प्रज्ञा साहित्यिक मंच ने किया प्रतिभाओं का सम्मान

शिक्षक दिवस पर स्त्री शक्ति संगठन व प्रज्ञा साहित्यिक मंच ने किया प्रतिभाओं का सम्मान

रोहतक, गिरीश सैनी। शिक्षक दिवस के अवसर पर मॉडल टाउन स्थित पुस्तकालय में स्त्री शक्ति संगठन एवं प्रज्ञा साहित्यिक मंच के संयुक्त तत्वावधान में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्यामलाल कौशल ने की और मंच संचालन ममता शर्मा ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्या स्मरण, वैदिक मंत्रोच्चार और प्रार्थना से हुआ।

कार्यक्रम में शिक्षकों ने कविता, कथा और संस्मरणों के माध्यम से अपने अनुभव साझा किए। साहित्यकार एवं अंग्रेजी शिक्षक कृष्ण लाल गिरधर ने कहा कि तकनीक, गूगल और एआई कभी भी शिक्षक का स्थान नहीं ले सकते। पूनम भोला ने प्रेरणा पंख कविता प्रस्तुत की। हेमचंद्र मलिक ने गुरु महिमा पर आधारित गीत से समां बांधा। कीर्ति चुग ने गणित का जादू कविता पेश की।

स्त्री शक्ति संगठन की अध्यक्ष ममता शर्मा ने कहा कि शिक्षक का पहला दायित्व विद्यार्थियों में चेतना जगाकर उन्हें आदर्श इंसान और नागरिक बनाना है। दूसरा दायित्व उन्हें ऐसे व्यावहारिक कौशल देना है, जिनका उपयोग वे जीवन के हर क्षेत्र में कर सकें। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल कक्षा और किताबों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।

इस दौरान राकेश बधवार, सुषमा जोशी और पवन गहलोत को शिक्षा, खेल एवं समाज सेवा में योगदान के लिए सम्मानित किया गया। साथ ही, स्व. इन्द्रा स्वप्न की पुस्तक -श्री ईश्वर चंद्र विद्यासागर के प्रेरक प्रसंग का लोकार्पण भी हुआ, जिसका संपादन डॉ. मधुकांत ने किया है। इस दौरान कृष्ण लाल गिरधर, अनूप बंसल, युधिष्ठिर लाल, वंदना, मीनू, सहित अन्य गणमान्य जन मौजूद रहे।