सुपवा छात्रों को 40 दिन थिएटर की बारीकियां सिखाएंगे श्रीलंकाई विशेषज्ञ

सुपवा छात्रों को 40 दिन थिएटर की बारीकियां सिखाएंगे श्रीलंकाई विशेषज्ञ

रोहतक, गिरीश सैनी। दादा लख्मी चंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विवि (डीएलसी सुपवा) के एक्टिंग के 2021 बैच के विद्यार्थियों को अब श्रीलंकाई रंगमंच का प्रत्यक्ष अनुभव मिलेगा। सुपवा प्रशासन ने प्रसिद्ध थिएटर प्रैक्टिशनर एवं कोलंबो विवि के सीनियर लेक्चरर डॉ. चमिका हथ्लहावट्टा को 40 दिवसीय प्रशिक्षण के लिए आमंत्रित किया है। सुपवा पहुंचने पर फिल्म एवं टेलीविजन संकाय तथा विद्यार्थियों ने उनका स्वागत किया।

एफटीवी के फैकल्टी ऑफ चार्ज महेश टीपी ने बताया कि डॉ. हथ्लहावट्टा ने ड्रामा एवं थिएटर में स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई के बाद फिलॉसफी में पीएचडी की है। श्रीलंका में रंगमंच को समृद्ध करने वाले प्रमुख रंगकर्मियों में उनकी पहचान है। वे फरवरी में भारत रंग महोत्सव के दौरान सुपवा आए थे। उस दौरान श्रीलंकाई कलाकारों ने उनके लिखे और निर्देशित नाटक ‘कोलंबा हठे थोरणा’ का मंचन किया था।

कुलपति डॉ. अमित आर्य ने बताया कि प्रशिक्षण में विद्यार्थियों को अभिनय, शारीरिक अभिव्यक्ति, आवाज, मंच अनुशासन और कहानी कहने की तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही श्रीलंकाई रंगमंच की लोक परंपराओं, विशिष्ट शैलियों और समकालीन थिएटर से उनके संबंधों से भी परिचित कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रयोगधर्मी रंगमंच की नई संभावनाओं से जोड़ना और अंतरराष्ट्रीय रंगमंचीय अनुभव उपलब्ध कराना है। इससे सुपवा और श्रीलंका के बीच सांस्कृतिक एवं रंगमंचीय संवाद भी मजबूत होगा।