मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बात करें, मदद मांगने में झिझकें नहीं: डॉ. सुजाता सेठी
रोहतक/गोहाना, गिरीश सैनी। मानसिक स्वास्थ्य माह के आठवें दिन मानसिक स्वास्थ्य संस्थान, रोहतक द्वारा बीपीएसएमवी, खानपुर में जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। समाज कार्य विभाग और मानसिक स्वास्थ्य प्रकोष्ठ के सहयोग से हुए कार्यक्रम में छात्राओं और शिक्षकों को मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के शुरुआती संकेत पहचानने तथा समय पर सहायता लेने के प्रति जागरूक किया गया।
बतौर मुख्य वक्ता, निदेशक-सह-सीईओ डॉ. सुजाता सेठी ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं को कमजोरी न मानकर संवेदनशीलता और सहयोग के साथ स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कलंक से सहयोग की ओर बढ़ने के लिए संवाद और संवेदनशीलता जरूरी है।
डॉ. भूपेंद्र सिंह ने शैक्षणिक दबाव, पारिवारिक अपेक्षाओं और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच की चुनौतियों पर चर्चा की। सत्र—सहायता मांगना कमजोरी नहीं, जागरूकता और आत्म-देखभाल का संकेत है के संदेश के साथ संपन्न हुआ।

Girish Saini

