बच्चों के सर्वांगीण विकास को नई दिशा दे रहा स्मार्ट आंगनबाड़ी अभियानः डीसी सचिन गुप्ता

आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा संबंधी प्रशिक्षण दिया।

बच्चों के सर्वांगीण विकास को नई दिशा दे रहा स्मार्ट आंगनबाड़ी अभियानः डीसी सचिन गुप्ता

रोहतक, गिरीश सैनी। उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि जिला में संचालित स्मार्ट आंगनवाड़ी पहल के माध्यम से बच्चों के प्रारंभिक विकास, पोषण, शिक्षा एवं अभिभावकों की सहभागिता को सुदृढ़ करने की दिशा में निरंतर कार्य जारी है। गत मई माह के दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा संबंधी प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिनके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।

उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र को बच्चों के लिए सुरक्षित, समावेशी और सीखने के अनुकूल वातावरण के रूप में विकसित करना है, ताकि बच्चों के सर्वांगीण विकास की मजबूत नींव रखी जा सके। गत मई माह में रोहतक शहरी ब्लॉक की 175 में से 108 तथा कलानौर ब्लॉक की सभी 110 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्ट आंगनबाड़ी गतिविधियों एवं ईसीसीई (प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा) संबंधी प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस दौरान निर्धारित विषयों के साथ-साथ जिला प्रशासन द्वारा बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए सुझाई गई गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विशेष बल दिया गया।

उपायुक्त ने कहा कि विभाग द्वारा मई माह के दौरान आयोजित ईसीसीई डे कार्यक्रमों में लगभग 600 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपनी सहभागिता दर्ज कराई। इसके अतिरिक्त बच्चों के माता-पिता को आंगनबाड़ी गतिविधियों से जोड़ने के उद्देश्य से विभिन्न समूहों का गठन किया गया, जिनमें 250 नए अभिभावकों को जोड़ा गया। वर्तमान में लगभग 21 से अधिक सक्रिय अभिभावक समूह कार्यरत हैं।

उन्होंने कहा कि जिला में लगभग 789 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता स्मार्ट ऐप एवं विभागीय गतिविधियों से सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं, जबकि 463 अभिभावक भी नियमित रूप से विभिन्न कार्यक्रमों में भागीदारी कर रहे हैं। उपायुक्त ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र केवल पोषण सेवाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बच्चों में स्वच्छता, अनुशासन, सामाजिक व्यवहार और जीवन कौशल विकसित करने के महत्वपूर्ण केंद्र बन रहे हैं। बच्चों को सही तरीके से हाथ धोना, कूड़ेदान का उपयोग करना, बागवानी गतिविधियों में भाग लेना, गुड टच-बैड टच की जानकारी प्राप्त करना तथा अपने परिवार एवं पते की जानकारी याद रखना जैसी गतिविधियों को नियमित रूप से बढ़ावा दिया जा रहा है।

उपायुक्त ने कहा कि आगामी समय में अधिक से अधिक आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और अभिभावकों को स्मार्ट आंगनवाड़ी कार्यक्रम से जोड़ने, सभी कार्यकर्ताओं को अभिभावक समूहों के साथ नियमित रूप से जोड़ने तथा सामुदायिक संवाद को और मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही ईसीसीई एवं पोषण संबंधी गतिविधियों को और प्रभावी बनाने के लिए नियमित प्रशिक्षण एवं मॉनिटरिंग जारी रखी जाएगी।