प्रदेश में डॉक्टरों की कमी होगी दूरः यूएचएसआर को मिली स्थायी भर्ती की बड़ी जिम्मेदारी

छह महीने में भर्ती प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्यः कुलपचि डॉ. एच.के. अग्रवाल

प्रदेश में डॉक्टरों की कमी होगी दूरः यूएचएसआर को मिली स्थायी भर्ती की बड़ी जिम्मेदारी

रोहतक, गिरीश सैनी। हरियाणा के नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सकों और फैकल्टी की कमी दूर करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेश सरकार ने पं. भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विवि, (यूएचएसआर), रोहतक को क्लास-ए और क्लास-बी पदों पर भर्ती का अधिकार सौंपा है। अब यूएचएसआर अपने संस्थान के साथ-साथ प्रदेश के नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों के लिए भी डॉक्टरों, प्रोफेसरों, एसोसिएट प्रोफेसरों, असिस्टेंट प्रोफेसरों और अन्य पदों पर नियुक्तियां करेगा। कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह जानकारी दी।

कुलपति डॉ. अग्रवाल ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और स्वास्थ्य मंत्री आरती राव का आभार जताते हुए कहा कि सरकार का यह निर्णय प्रदेश की चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को नई गति देगा। उन्होंने कहा कि कोरियावास, भिवानी और जींद समेत नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों में अब यूएचएसआर के माध्यम से नियमित नियुक्तियां की जाएंगी।

उन्होंने कहा कि लंबे समय से खाली पदों और भर्ती प्रक्रिया में देरी के कारण मेडिकल कॉलेजों में शिक्षण और मरीज सेवाएं प्रभावित होती रही हैं। नई व्यवस्था से इस समस्या को दूर करने का प्रयास किया जाएगा। यूएचएस का लक्ष्य विज्ञापन से नियुक्ति तक की प्रक्रिया छह महीने के भीतर पूरी करना है, ताकि नए मेडिकल कॉलेजों में समय पर योग्य फैकल्टी और विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध हो सकें।

कुलपति ने कहा कि यूएचएसआर के पास अनुभवी फैकल्टी और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया का तंत्र मौजूद है। नियुक्तियां पूरी तरह मेरिट के आधार पर की जाएंगी। उन्होंने कहा कि इससे आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलने के साथ युवा डॉक्टरों को सरकारी रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।

निदेशक डॉ. एस.के. सिंघल ने कहा कि अब तक अनुबंध आधार पर होने वाली भर्तियों के कारण चिकित्सकों के जल्द नौकरी छोड़ने की समस्या सामने आती थी। यूएचएसआर द्वारा नियमित भर्ती प्रक्रिया संचालित किए जाने से स्थायित्व बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि भर्ती शाखा के प्रोफेसर इंचार्ज डॉ. अरुण के नेतृत्व में टीम ऑनलाइन और समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया की तैयारी कर रही है।

चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कुंदन मित्तल ने कहा कि नए मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों की कमी दूर होने से ओपीडी, इमरजेंसी और विशेषज्ञ सेवाओं में सुधार होगा। ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को मामूली उपचार के लिए बड़े शहरों का रुख कम करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पीजी उत्तीर्ण युवा डॉक्टरों के लिए भी यह निर्णय रोजगार के नए अवसर लेकर आएगा।

कुलपति डॉ. अग्रवाल ने कहा कि हरियाणा सरकार के सहयोग और मार्गदर्शन में यूएचएसआर का लक्ष्य प्रदेश को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाना है। इस दौरान डीडीए डॉ वरुण शर्मा, जन संपर्क विभाग के इंचार्ज डॉ मंजूनाथ, डिप्टी रजिस्ट्रार डॉ अरुण, सचिव संजीव कुमार सहित संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।