सात दिवसीय कौशल विकास कार्यशाला संपन्न

विद्यार्थियों को दिए करियर में आगे बढ़ने के गुर।

सात दिवसीय कौशल विकास कार्यशाला संपन्न

रोहतक, गिरीश सैनी। आज के प्रतिस्पर्धी युग में केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है, बल्कि कौशल विकास ही सफलता की असली कुंजी है। विद्यार्थियों को चाहिए कि वे निरंतर अपने कौशल को निखारें और बदलती औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार करें। ये बात एमडीयू कुलसचिव डॉ. कृष्णकांत ने शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित सात दिवसीय कौशल विकास कार्यशाला के समापन अवसर पर कही।

समापन सत्र में बतौर मुख्यातिथि, डॉ. कृष्णकांत ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में भी सहायक सिद्ध होते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे कार्यशाला के दौरान सीखी गई बातों को अपने दैनिक जीवन और करियर में लागू करें, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों का आत्मविश्वास के साथ सामना कर सकें। उन्होंने प्रतिभागियों को सर्टिफिकेट भी प्रदान किए।

शिक्षा विभागाध्यक्षा डॉ. माधुरी हुड्डा ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम शिक्षा और उद्योग के बीच की खाई को पाटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बताया कि सीसीपीसी तथा महिंद्रा प्राइड क्लासेज़ के सहयोग से आयोजित इस सात दिवसीय कार्यशाला में विद्यार्थियों ने विभिन्न इंटरएक्टिव सत्रों, प्रायोगिक गतिविधियों और करियर उन्मुख प्रशिक्षण मॉड्यूल में सक्रिय सहभागिता की।

सीसीपीसी की निदेशिका प्रो. दिव्या मल्हान ने बताया कि इस कार्यशाला से विद्यार्थियों के संचार कौशल, आत्मविश्वास, टीमवर्क और करियर तैयारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। महिंद्रा प्राइड क्लासेज़ की प्रशिक्षक नेहा गुप्ता कार्यक्रम के दौरान प्रभावशाली सत्र संचालित किए।