अंतरराष्ट्रीय मिडवाइफरी दिवस पर नर्सिंग छात्राओं ने किया आपातकालीन कौशल का प्रदर्शन
रोहतक, गिरीश सैनी। पं. भगवत दयाल शर्मा आयुर्विज्ञान विवि के नर्सिंग कॉलेज में अंतरराष्ट्रीय मिडवाइफरी दिवस के अवसर पर एक शैक्षणिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस वर्ष इस दिवस की थीम वन मिलियन मोर मिडवाइव्स है, जिसका उद्देश्य मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करना है।
एमएससी नर्सिंग (प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञता) विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में बीएससी नर्सिंग 7वें सेमेस्टर एवं पोस्ट बेसिक नर्सिंग प्रथम वर्ष की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान स्थापित विभिन्न शैक्षणिक स्टेशनों में प्रसव पूर्व रक्तस्राव, प्रसवोत्तर रक्तस्राव (पीपीएच ), शोल्डर डायस्टोपिया, प्री-एक्लेम्पसिया एवं एक्लेम्पसिया, नवजात पुनर्जीवन (एनआरपी) तथा बेसिक नवजात पुनर्जीवन (बेसिक एनआरपी) जैसे विषयों पर व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया। इसके माध्यम से छात्राओं ने आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी प्रबंधन की उत्कृष्ट क्षमता का प्रदर्शन किया।
बतौर मुख्य अतिथि, डॉ. पुष्पा दहिया ने कहा कि दाइयां मातृ एवं नवजात मृत्यु दर को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं तथा आपातकालीन स्थितियों की समय पर पहचान अत्यंत आवश्यक है। सीनियर नर्सिंग ऑफिसर्स - बलजीत, सुमित्रा, शकुंतला, सुशीला एवं अर्चना विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रही। नर्सिंग कॉलेज की प्राचार्या सुनीता कुमारी ने छात्राओं के प्रयासों की सराहना की और कहा कि इस प्रकार के व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम भविष्य में गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

Girish Saini 

