भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में सेंसर तकनीक की भूमिका महत्वपूर्ण होगीः कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई

भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में सेंसर तकनीक की भूमिका महत्वपूर्ण होगीः कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई

हिसार, गिरीश सैनी । गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने कहा है कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में सेंसर तकनीक की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। सेंसर तकनीक जीवन के हर क्षेत्र में उपयोगी होने वाली है। कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई बायो एंड नैनो टेक्नोलॉजी विभाग तथा आरडब्ल्यूटीएच आचेन विश्वविद्यालय, जर्मनी के संयुक्त तत्वाधान में सेंसर्स फॉर हेल्थ केयर एंड एनवायरनमेंटल एप्लीकेशंस (एसएचएचईए-2024) विषयक इंडो-जर्मन कार्यशाला के उद्घाटन समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। 

आरडब्ल्यूटीएच आचेन विश्वविद्यालय, आचेन, जर्मनी के डा. विवेक पाचौरी व आईआईटी मद्रास के डा. एमएस नारायणन अंतरराष्ट्रीय प्रमुख अन्वेषक के रूप में उपस्थित रहे, जबकि प्रो. नीरज दिलबागी व प्रो. संदीप कुमार स्पार्क स्कीम (एमओई) के राष्ट्रीय प्रमुख अन्वेषक एवं कार्यशाला के संयोजक व सह-संयोजक के रूप में मौजूद रहे।  इस अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन स्पार्क स्कीम (एमओई) के अंतर्गत किया जा रहा है।

कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने कहा कि यह इंडो-जर्मन कार्यशाला प्रतिभागी भारतीय तथा विदेशी विद्यार्थियों को संबंधित विषय की आधुनिक स्तर की वैश्विक तकनीकों से अवगत कराएगी। उन्होंने इस दौरान टाइम्स हायर एजुकेशन वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2024 में विश्व स्तर पर प्रतिष्ठित 'इंजीनियरिंग' विषय श्रेणी में गुजवि को भारत में 43वां स्थान व विश्व में 801-1000 वां स्थान मिलने के लिए भी बधाई दी। 

कुलसचिव प्रो. विनोद छोकर ने कहा कि सेंसर तकनीक, हैल्थकेयर, इनवायर्नमेंट, जल प्रबंधन तथा वाणिज्य के क्षेत्र में क्रांतिकारी साबित होने वाली है। डा. विवेक पाचौरी ने कहा कि इस कार्यशाला से विश्वविद्यालय की अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षण संस्थाओं से संबंध और अधिक मजबूत होंगे। डा. एमएस नारायणन ने अपने व्याख्यान में बायो इनक्यूबेटर का विस्तार से उल्लेख किया। प्रो. नीरज दिलबागी ने अपने स्वागत संबोधन में एसएचएचईए-2024 के बारे में जानकारी दी। इस कार्यशाला में 120 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। प्रतिभागियों को विशेषज्ञ वक्ता पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ के प्रो. जीआर चौधरी, दिल्ली तकनीकी विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर प्रो.बीडी मल्होत्रा, एनआईएबी हैदराबाद की डा. सोनू गांधी, आईएनएसटी, मोहाली के प्रो. आकाश दीप व जेएनयू दिल्ली के डा. जयदीप भट्टाचार्य संबोधित करेंगे।  कार्यशाला की संयोजक सचिव डा. सपना ग्रेवाल ने मंच संचालन किया।