अंबेडकर का विजन ही विकसित भारत 2047 की आधारशिला विषय पर संगोष्ठी

एमडीयू के डॉ. बी.आर. अंबेडकर चेयर द्वारा स्वराज सदन में डॉ. अंबेडकर एज ए रूट ऑफ डेवलप्ड इंडिया 2047 विषय पर आयोजित संगोष्ठी में बतौर मुख्य वक्ता, जवाहरलाल नेहरू विवि नई दिल्ली के अर्थशास्त्र विभाग के प्रो. शक्ति कुमार ने अपने विचार रखे।

अंबेडकर का विजन ही विकसित भारत 2047 की आधारशिला विषय पर संगोष्ठी

रोहतक, गिरीश सैनी। एमडीयू के डॉ. बी.आर. अंबेडकर चेयर द्वारा स्वराज सदन में डॉ. अंबेडकर एज ए रूट ऑफ डेवलप्ड इंडिया 2047 विषय पर आयोजित संगोष्ठी में बतौर मुख्य वक्ता, जवाहरलाल नेहरू विवि नई दिल्ली के अर्थशास्त्र विभाग के प्रो. शक्ति कुमार ने अपने विचार रखे।

प्रो. शक्ति कुमार ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर ने सामाजिक न्याय को आर्थिक उत्पादकता में बदलने की मजबूत आधारशिला रखी, जो 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि अंबेडकर का दृष्टिकोण केवल सामाजिक सुधार तक सीमित नहीं था, बल्कि वह आर्थिक विकास और समावेशी वृद्धि का भी आधार प्रस्तुत करता है।

उन्होंने कहा कि भारत अभी भी एक विकासशील अर्थव्यवस्था है और विकसित राष्ट्र बनने के लिए 10 प्रतिशत से अधिक की वार्षिक आर्थिक वृद्धि दर आवश्यक है। अंबेडकर के विचारों को आधार बनाते हुए उन्होंने श्रम का विभाजन (न कि श्रमिकों का), महिला सशक्तिकरण, राजनीतिक प्रतिनिधित्व, राज्य की भूमिका और राष्ट्रीय एकता को विकसित भारत के प्रमुख स्तंभ बताया।

डॉ. बी.आर. अंबेडकर चेयर के चेयर प्रोफेसर प्रो. गोविंद सिंह ने स्वागत संबोधन किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. श्रीभगवान ने किया।