एमडीयू में 400 साल पुराने नाटक से सामाजिक आडंबर पर कटाक्ष
बेन जॉनसन के एपिकीन; ऑर, द साइलेंट वुमन का मंचन, विद्यार्थियों ने जीवंत किए व्यंग्य के रंग
रोहतक, गिरीश सैनी। एमडीयू के अंग्रेजी एवं विदेशी भाषा विभाग की इंग्लिश लिटरेरी सोसायटी द्वारा प्रसिद्ध अंग्रेजी नाटककार बेन जॉनसन के नाटक एपिकीन; ऑर, द साइलेंट वुमन का मंचन किया गया। वर्ष 1609 में पहली बार मंचित इस नाटक के जरिए विद्यार्थियों ने विवाह, विरासत, सामाजिक दिखावे और शोर-शराबे की प्रवृत्ति पर व्यंग्यात्मक कटाक्ष किया।
विभागाध्यक्ष प्रो. गुलाब सिंह के नेतृत्व और सोसायटी की सलाहकार प्रो. नीलम हुड्डा के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम का निर्देशन शोधार्थी अनन्या और पर्ल ने किया। विद्यार्थियों और शोधार्थियों ने अभिनय के जरिए नाटक के व्यंग्य को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
मंचन में अंकित ने मोरोज, माही ने एपिकीन, निष्ठा ने सूत्रधार, लावण्या ने पादरी और दीपांशु ने चतुर भतीजे की भूमिका निभाई। अन्य प्रतिभागियों ने दिखावटी सज्जनों, भतीजे के मित्रों और फैशनेबल महिलाओं के किरदारों को जीवंत किया। सिद्धार्थ और हीना ने मंच के पीछे प्रस्तुति में सहयोग दिया।
डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. रणदीप राणा तथा प्रो. सुधीर कुमार और डॉ. कविता ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की।

Girish Saini

