रोहतक रहा है मेरे लिए प्रेरणा स्थलः सीजेआई न्यायमूर्ति सूर्यकांत

रोहतक बार से बताया भावनात्मक नाता, यहां से सीखा अनुशासन व गहन विषयों का ज्ञान।

रोहतक रहा है मेरे लिए प्रेरणा स्थलः सीजेआई न्यायमूर्ति सूर्यकांत

रोहतक, गिरीश सैनी। देश के माननीय मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि रोहतक उनका प्रेरणा स्थल रहा है। रोहतक बार एसोसिएशन का देश में कानूनी विचारधारा को सुदृढ़ करने में योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि बार व बेंच आमजन के न्याय प्रणाली में विश्वास को बहाल रखें। भविष्य की आवश्यकताओं को मद्देनजर रखते हुए सरकार व बार इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स स्थापित करने बारे भी विचार करें। उन्होंने कहा कि देश के सर्वोच्च न्यायालय के नए भवन का तीन चरणों में निर्माण किया जा रहा है, जिसके उपरांत आगामी 50 वर्षों तक यह न्यायालय परिसर पर्याप्त होगा।

सीजेआई न्यायमूर्ति सूर्यकांत स्थानीय न्यायिक परिसर में जिला बार एसोसिएशन द्वारा देश के मुख्य न्यायाधीश के सम्मान में आयोजित सम्मान समारोह समारोह में बतौर मुख्यातिथि न्यायिक अधिकारियों एवं अधिवक्ताओं को संबोधित कर रहे थे। इससे पूर्व उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।

सीजेआई ने कहा कि भारतीय प्राचीन परम्परा अतिथि देवो भव: के अनुसार अतिथि को ईश्वर के रूप में माना जाता है। उन्होंने कहा कि उनके अंदर का वकील हमेशा जीवित रहा है, चाहे वे किसी भी पद पर आसीन रहे हो। रोहतक बार के साथ उनका भावनात्मक रूप से गहरा नाता है तथा वे इस दौरा कार्यक्रम को लेकर उत्सुक थे। रोहतक बार हमेशा उनके कंधे से कंधा मिलाकर चलती रही है।

सीजेआई न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि हर व्यक्ति के जीवन में दो महत्वपूर्ण क्षेत्र कर्म क्षेत्र व प्रेरणा क्षेत्र होते है। रोहतक से उन्होंने कानून की पढ़ाई की तथा यहां से प्रेरणा प्राप्त की। उन्होंने कहा कि रोहतक बार से उन्होंने अनुशासन एवं गहन विषयों की जानकारी हासिल की तथा बार में उन्हें हमेशा अपार प्यार व स्नेह दिया है। उनके शपथ ग्रहण समारोह का रोहतक बार ने लाइव टेलीकास्ट किया तथा उनके जन्मदिन पर रोहतक बार में केक काटकर उनका जन्मदिन मनाया गया। वे रोहतक बार से भावनात्मक रूप से जुड़े हुए है।

मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के नए भवन का तीन चरणों में निर्माण जारी है। इस नए भवन में 34 नए कोर्ट रूम बनाये जा रहे है, जो आगामी 50 वर्ष की व्यवस्था के लिए पर्याप्त होंगे। गत दिनों उन्हें उत्तर प्रदेश में इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्पलेक्स का उद्घाटन करने का अवसर मिला, जहां पर भविष्य को ध्यान में रखते हुए यह कॉम्पलेक्स तैयार किया गया है। उन्होंने सरकार व जिला बार एसोसिएशन से कहा कि वे भी ऐसे कॉम्पलेक्स के बारे में विचार करें।

बार एसोसिएशन की ओर से रखी मांग के संदर्भ में उन्होंने कहा कि पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश तथा बिल्डिंग कमेटी के चेयरमैन रोहतक बार की समस्या का कानून मर्यादा का पालन करते हुए समाधान करवाये। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति शील नागू ने बार एसोसिएशन के वरिष्ठ अधिवक्ताओं को सम्मानित किया।


जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय तेवतिया ने देश के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत को मान-सम्मान का प्रतीक पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया। उन्होंने मुख्य न्यायाधीश को स्मृति चिन्ह भेंट किया। जिला एवं सत्र डिवीजन के प्रशासनिक न्यायाधीश विकास सूरी ने मुख्य न्यायाधीश को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। उपायुक्त सचिन गुप्ता ने माननीय मुख्य न्यायाधीश को जिला प्रशासन की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट किया। वकीलों द्वारा मुख्य न्यायाधीश को भेंट किये गए उनके चित्र पर न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने हस्ताक्षर किए, जिसे बार रूम में रखा जायेगा।

जिला बार एसोसिएशन, रोहतक द्वारा पंजाब एवं हरियाणा के उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति शील नागू, हरियाणा के सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय की बिल्डिंग कमेटी के चेयरमैन न्यायमूर्ति हरसिमरन सिंह सेठी तथा रोहतक जिला व सत्र डिवीजन के प्रशासनिक न्यायाधीश न्यायमूर्ति विकास सूरी को भी स्मृतिचिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।

इस दौरान पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश तथा सम्मान समारोह के विशिष्ट अतिथि न्यायमूर्ति शील नागू, बिल्डिंग कमेटी के चेयरमैन न्यायमूर्ति हरसिमरन सिंह सेठी तथा रोहतक जिला व सत्र डिवीजन के प्रशासनिक न्यायाधीश न्यायमूर्ति विकास सूरी, कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय वशिष्ठ, न्यायमूर्ति राजेश भारद्वाज, न्यायमूर्ति हरकेश, न्यायमूर्ति कुलदीप तिवारी, न्यायमूर्ति नमित कुमार, न्यायमूर्ति दीपक मनचंदा, न्यायमूर्ति नीरजा कुलवंत कलसन, जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय तेवतिया, उपायुक्त सचिन गुप्ता, नगर निगम आयुक्त डॉ. आनंद शर्मा, पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र सिंह भौरिया, पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल के सदस्य व पूर्व प्रधान डॉ. विजेंद्र अहलावत सहित अन्य न्यायाधीश व न्यायिक अधिकारी व अधिवक्ता गण मौजूद रहे।