मेडिएशन फॉर द नेशन 3.0 से आपसी सहमति पर विवादों का समाधान संभवः सीजेएम डॉ. तरन्नुम खान
1 अक्टूबर से होगा अभियान का विधिवत शुभारंभ।
रोहतक, गिरीश सैनी। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की सचिव एवं सीजेएम डॉ. तरन्नुम खान ने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवाएं प्राधिकरण, नई दिल्ली तथा सर्वोच्च न्यायालय की मध्यस्थता एवं सुलह परियोजना समिति के मार्गदर्शन में देशव्यापी मेडिएशन फॉर द नेशन 3.0 अभियान चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य मध्यस्थता योग्य लंबित विवादों का सौहार्दपूर्ण, त्वरित और कम खर्चीला समाधान सुनिश्चित करना है।
उन्होंने बताया कि अभियान के तहत 30 सितंबर 2026 तक मध्यस्थता के माध्यम से समाधान योग्य मामलों की पहचान की जाएगी। इसके बाद 1 अक्टूबर से अभियान का विधिवत शुभारंभ होगा। इनमें वैवाहिक एवं पारिवारिक विवाद, मोटर दुर्घटना दावा, घरेलू हिंसा, चेक बाउंस एवं धारा 138 एनआई एक्ट के मामले, वाणिज्यिक एवं व्यापारिक विवाद, सेवा संबंधी मामले, समझौता योग्य आपराधिक मामले, उपभोक्ता विवाद, संपत्ति एवं किरायेदारी विवाद, भूमि अधिग्रहण तथा अन्य उपयुक्त सिविल मामले शामिल हैं।
सीजेएम डॉ. तरन्नुम खान ने बताया कि मध्यस्थता में दोनों पक्ष निष्पक्ष मध्यस्थ की सहायता से आपसी सहमति के आधार पर विवाद का समाधान कर सकते हैं। इससे न्यायिक प्रक्रिया में लगने वाले समय और खर्च में कमी आती है तथा पक्षकारों को मानसिक तनाव से राहत मिलने के साथ आपसी संबंध बनाए रखने में भी मदद मिलती है। मध्यस्थता की प्रक्रिया गोपनीय होती है।
उन्होंने न्यायालयों में लंबित मामलों के पक्षकारों, अधिवक्ताओं, सरकारी विभागों एवं संस्थानों से अभियान का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि मध्यस्थता योग्य मामलों की सूची न्यायालयों के नोटिस बोर्ड, बार एसोसिएशन तथा संबंधित आधिकारिक माध्यमों पर प्रदर्शित की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से शांतिपूर्ण, त्वरित और स्थायी समाधान के लिए मध्यस्थता को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
Girish Saini 

