स्टाटा कार्यशाला में शोधार्थियों ने सीखी अर्थमिति की तकनीकें

स्टाटा कार्यशाला में शोधार्थियों ने सीखी अर्थमिति की तकनीकें

रोहतक, गिरीश सैनी। एमडीयू के अर्थशास्त्र विभाग में आयोजित तीन दिवसीय स्टाटा एवं अनुप्रयुक्त अर्थमिति कार्यशाला का समापन हुआ। समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि, डीन सीडीसी प्रो. राजेश पुनिया ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण और मौलिक शोध के लिए उपयुक्त शोध-पद्धति, विश्वसनीय आंकड़ों, परिणामों की सही व्याख्या तथा शोध नैतिकता पर विशेष ध्यान जरूरी है। उन्होंने शोधार्थियों को अर्थमितीय तकनीकों और स्टाटा के व्यावहारिक ज्ञान का उपयोग शोध में करने के लिए प्रेरित किया।

कार्यशाला में प्रो. एनुमलाई कन्नन ने ओएलएस मॉडल, प्रतिगमन विश्लेषण और उसकी मान्यताओं पर स्टाटा के माध्यम से प्रशिक्षण दिया। एनएसएसओ माइक्रो डेटा पर व्यावहारिक सत्र भी हुए। विभागाध्यक्ष डॉ. जगदीप दहिया ने स्वागत किया, जबकि डॉ. किरण बाला ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा।