एमडीयू में होगा दिल्ली-एनसीआर की समस्याओं पर शोध, रिसर्च बेस्ड सॉल्यूशन सेंटर बनाने के प्रस्ताव पर ईसी की मुहर लगी
कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ की अध्यक्षता में ईसी की 305वीं बैठक संपन्न।
रोहतक, गिरीश सैनी। एमडीयू में दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र की जटिल और उभरती चुनौतियों के समाधान के लिए- सेंटर फॉर डेवलपिंग रिसर्च बेस्ड सॉल्यूशन स्थापित करने के प्रस्ताव को वीरवार को आयोजित 305वीं कार्यकारी परिषद (ईसी) की बैठक में मंजूरी प्रदान की गई। कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ की अध्यक्षता में हाइब्रिड मोड से आयोजित बैठक में इस केंद्र की स्थापना को क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना गया।
बैठक में प्रस्तावित केंद्र के माध्यम से दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में तेजी से बढ़ते शहरीकरण, पर्यावरण संरक्षण, जल प्रबंधन, प्रदूषण नियंत्रण, सतत विकास, क्षेत्र की सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों पर नजर रखने के लिए एआई आधारित इकनोमिक ऑब्जर्वेटरी की स्थापना, सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों तथा सार्वजनिक नीति से जुड़े विषयों पर शोध को बढ़ावा देने की योजना पर चर्चा की गई। इस केंद्र का उद्देश्य है कि विवि केवल अकादमिक शोध तक सीमित न रहकर सरकार, उद्योग और समाज के लिए व्यावहारिक एवं शोध आधारित समाधान उपलब्ध करा सके।
कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ ने कहा कि विवि समाज और क्षेत्र की वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए शोध को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कार्यकारी परिषद में लिए गए निर्णय विवि प्रशासन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह एवं प्रभावी बनाने के साथ-साथ शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुसंधान और नवाचार को नई दिशा देंगे। कुलपति ने कहा कि विवि विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और शोध को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।
ईसी की बैठक में विवि के प्रशासनिक, शैक्षणिक, वित्तीय एवं विकास कार्यों से जुड़े 29 महत्वपूर्ण एजेंडा बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। परिषद ने 304वीं कार्यकारी परिषद की बैठक की कार्यवाही एवं अनुपालन रिपोर्ट का अनुमोदन किया। इसके अलावा कुलपति द्वारा समय-समय पर लिए गए विभिन्न प्रशासनिक निर्णयों की पुष्टि, डीन एकेडमिक अफेयर्स, डीन सीडीसी, डीन इंटरडिसिप्लिनरी स्टडीज एवं अन्य पदों पर अतिरिक्त प्रभार, प्रतिनियुक्ति और सेवा विस्तार से संबंधित मामलों को भी अनुमोदित किया गया।
बैठक में शिक्षकों एवं कर्मचारियों के सेवा मामलों, पुनर्नियोजन, पदोन्नति, विभागीय पदोन्नति समिति की संस्तुतियों, अनुबंध आधारित कर्मचारियों की सेवाओं के विस्तार तथा विभिन्न समितियों की अनुशंसाओं पर भी चर्चा हुई। इसके साथ ही असिस्टेंट प्रोफेसरों की अनिवार्य प्रकाशन शर्त की समीक्षा, पीएचडी डिग्री धारकों के पारिश्रमिक में संशोधन, विवि अनुसंधान छात्रवृत्ति (यूआरएस) की राशि बढ़ाने, मनोरंजन भत्ते में वृद्धि तथा एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक की प्रशासनिक एवं वित्तीय शक्तियों में बढ़ोतरी से जुड़े प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई।
कार्यकारी परिषद ने दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा केंद्र के स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों की स्व-अध्ययन सामग्री तथा प्रोजेक्ट रिपोर्ट, दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र की चुनौतियों के समाधान के लिए सेंटर फॉर डेवलपिंग रिसर्च बेस्ड सॉल्यूशन की स्थापना, विवि आउटरीच कार्यक्रम, छात्र हितों से जुड़े मामलों को भी स्वीकृति दी गई। बैठक में कॉलेजों एवं संस्थानों के गवर्निंग बॉडी सदस्यों के बैठक शुल्क तथा विभिन्न विभागीय मामलों को भी मंजूर किया गया। बैठक का एजेंडा कुलसचिव प्रो. संदीप बंसल ने प्रस्तुत किया।
Girish Saini 


