निगमायुक्त सत्येन्द्र दुहन ने नगर निगम टीम को जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के साथ मिल कर कम करने के निर्देश दिए
बरसात के दौरान अधिकारियों को फील्ड में मौजूद रहने के निर्देश।
रोहतक, गिरीश सैनी। नगर निगम, रोहतक के आयुक्त सत्येन्द्र दुहन की अध्यक्षता में आयोजित एक बैठक में बरसात के दौरान जल निकासी के कार्य बारे विचार-विमर्श किया गया। निगमायुक्त ने शहर में जलभराव की समस्या से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए नगर निगम एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय एवं टीम वर्क की भावना से कार्य करने के निर्देश दिए। इस दौरान संयुक्त आयुक्त नमिता कुमारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
उन्होंने कहा कि दोनों विभागों के बीच बेहतर तालमेल ही बरसात के दौरान नागरिकों को राहत प्रदान कर सकता है। निगमायुक्त ने कहा कि किसी भी क्षेत्र में जलभराव, सीवर ओवरफ्लो अथवा जल निकासी संबंधी समस्या की सूचना प्राप्त होते ही संबंधित विभाग तत्काल संयुक्त रूप से कार्रवाई करें, ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
निगमायुक्त सत्येन्द्र दुहन ने निर्देश दिए कि बरसात के दौरान सभी संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी लगातार फील्ड में मौजूद रह कर अपने-अपने क्षेत्र का नियमित निरीक्षण करें तथा संवेदनशील एवं जलभराव संभावित स्थानों पर विशेष निगरानी रखें। यदि किसी स्थान पर जलभराव की स्थिति उत्पन्न होती है तो उसका मौके पर पहुंचकर तत्काल समाधान किया जाए तथा जल निकासी व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए उपलब्ध सभी संसाधनों का पूर्ण एवं प्रभावी उपयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि डी-वाटरिंग पम्प, सुपर सकर मशीनें, जेटिंग मशीनें इत्यादि मशीनरी एवं कर्मचारियो को पूरी क्षमता के साथ कार्य में लगाया जाए।
निगमायुक्त ने कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जाये कि सभी डिस्पोजल, पम्पिंग स्टेशन एवं डी-वाटरिंग पम्पों के संचालन के लिए लगाए गए जनरेटर हर समय पूर्ण रूप से कार्यशील अवस्था में रहें। उन्होंने जनरेटर के संचालन हेतु डीजल/ऑयल की पर्याप्त एवं अग्रिम व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए ताकि बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में भी जल निकासी कार्य बिना किसी रुकावट के निरंतर जारी रह सके।
Girish Saini 


