लोभ छोड़ने से घटेगी माया, मान घटेगा तो मिटेगा क्रोध
रोहतक, गिरीश सैनी। सराय मोहल्ला स्थित दिगंबर जैन मंदिर में 12 दिवसीय दशलक्षण महापर्व के दूसरे दिन उत्तम मार्दव धर्म श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। सुबह से मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। अनेक श्रद्धालुओं ने निर्जला व्रत व एकासना किया। प्रातः भगवान पार्श्वनाथ का जलाभिषेक व महाशांतिधारा की गई। प्रतिष्ठाचार्य रविंद्र जीतु के सान्निध्य में सोलह कारण, सुपार्श्वनाथ, रत्नत्रय, दशलक्षण धर्म पूजन तथा तत्वार्थ सूत्र महामंडल विधान किया गया। संगीतमय महाआरती भी हुई। रविंद्र जीतु ने कहा कि विनम्रता ही मार्दव धर्म का मूल है। अहंकार मनुष्य को भीतर से कठोर बनाता है, जबकि नम्रता आत्मकल्याण का मार्ग प्रशस्त करती है।

Girish Saini 

