मरने के बाद भी चार जिंदगियों में धड़केगा 40 वर्षीय युवक का दिल

बिहार के मजदूर परिवार ने दुख की घड़ी में लिया अंगदान का फैसला, दिल्ली तक बना ग्रीन कॉरिडोर।

मरने के बाद भी चार जिंदगियों में धड़केगा 40 वर्षीय युवक का दिल

रोहतक, गिरीश सैनी। सड़क हादसे में जान गंवाने वाले बिहार निवासी करीब 40 वर्षीय मजदूर युवक के अंगदान से चार लोगों को नया जीवन मिलने की उम्मीद जगी है। पीजीआईएमएस रोहतक के ट्रॉमा सेंटर में ब्रेन डेड घोषित किए जाने के बाद परिवार ने दुख की घड़ी में अंगदान का साहसिक निर्णय लिया।

12 सितंबर को सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल युवक को ट्रॉमा आईसीयू में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद सिर में गंभीर चोट के कारण 17 सितंबर को उन्हें ब्रेन डेड घोषित किया गया। पत्नी और परिवार की सहमति से उनकी दोनों किडनी, लीवर और हृदय दान किए गए। एक किडनी पीजीआईएमएस रोहतक, दूसरी आर्मी अस्पताल चंडीमंदिर, जबकि लीवर और हृदय दिल्ली के अस्पतालों को आवंटित किए गए।

कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने परिवार को नमन करते हुए कहा कि अब वह युवक चार लोगों के शरीर में जीवित रहेंगे। अंगों को समय पर पहुंचाने के लिए रोहतक से दिल्ली तक दोपहर 3 से रात 10 बजे तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया, जिसमें करीब 300 पुलिसकर्मी तैनात रहे।

कुलसचिव डॉ. रूप सिंह ने कहा कि विवि प्रशासन पार्थिव शरीर को पूरे सम्मान के साथ पैतृक गांव भेजेगा। निदेशक डॉ. एस.के. सिंघल और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कुंदन मित्तल ने मेडिकल टीम, पुलिस और परिवार के योगदान की सराहना की।