रेबीज रोकने को पशुओं का नियमित टीकाकरण जरूरी: डीसी

रेबीज की रोकथाम और पशु-मानव स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर रामलीला ग्राउंड, बैन्सी में एक दिवसीय जागरूकता एवं विस्तार शिविर आयोजित किया गया। शिविर में पशुपालकों और डेयरी किसानों को रेबीज के लक्षण, संक्रमण, बचाव, टीकाकरण और पशु स्वास्थ्य प्रबंधन की जानकारी दी गई।

रेबीज रोकने को पशुओं का नियमित टीकाकरण जरूरी: डीसी

रोहतक, गिरीश सैनी। रेबीज की रोकथाम और पशु-मानव स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर रामलीला ग्राउंड, बैन्सी में एक दिवसीय जागरूकता एवं विस्तार शिविर आयोजित किया गया। शिविर में पशुपालकों और डेयरी किसानों को रेबीज के लक्षण, संक्रमण, बचाव, टीकाकरण और पशु स्वास्थ्य प्रबंधन की जानकारी दी गई।

उपायुक्त सतबीर सिंह ने कहा कि रेबीज गंभीर और घातक विषाणुजनित रोग है, जिसकी रोकथाम के लिए समय पर सावधानी और नियमित टीकाकरण जरूरी है। उन्होंने पशुपालकों से पालतू पशुओं और कुत्तों का समय पर टीकाकरण करवाने तथा संदिग्ध पशु के संपर्क में आने पर तत्काल पशु चिकित्सक से सलाह लेने का आह्वान किया।

पशु रोग जांच अधिकारी डॉ. पंकज कुमार ने बताया कि रेबीज संक्रमित पशुओं, विशेषकर कुत्तों और बिल्लियों के काटने या खरोंचने से फैल सकता है। उन्होंने कहा कि संदिग्ध पशु के काटने या खरोंचने पर घाव को तुरंत साबुन और बहते पानी से धोकर बिना देरी स्वास्थ्य केंद्र में एंटी-रेबीज उपचार लेना चाहिए।

डॉ. मीनाक्षी सांगवान ने वन हेल्थ अवधारणा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मानव, पशु और पर्यावरण स्वास्थ्य परस्पर जुड़े हैं। रेबीज नियंत्रण के लिए पशुपालकों, पशु चिकित्सकों, स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के समन्वित प्रयास जरूरी हैं। शिविर में विशेषज्ञों ने पशुपालकों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया।