स्क्रीन टाइम घटाएं, सुकून बढ़ाएं: सुपवा में डिजिटल डिटॉक्स पर मंथन

स्क्रीन टाइम घटाएं, सुकून बढ़ाएं: सुपवा में डिजिटल डिटॉक्स पर मंथन

रोहतक, गिरीश सैनी। दादा लख्मी चंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विवि (डीएलसी सुपवा) में फिजिकल एवं मेंटल वेलनेस क्लब द्वारा नई चेतना से सशक्त भारत अभियान के तहत डिजिटल डिटॉक्स पर व्याख्यान आयोजित किया गया। बतौर वक्ता, ब्रह्माकुमारी मोनिका ने छात्रों और स्टाफ से कुछ समय मोबाइल, सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल उपकरणों से दूरी बनाकर स्वयं से जुड़ने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में कुलसचिव डॉ. गुंजन मलिक मनोचा भी मौजूद रही। डीन कल्चरल एवं स्टूडेंट एक्टिविटीज विनय कुमार ने अतिथियों का स्वागत किया।

बीके मोनिका ने कहा कि डिजिटल तकनीक ने शिक्षा, संचार और मनोरंजन को आसान बनाया है, लेकिन इसके अत्यधिक उपयोग से मानसिक स्वास्थ्य, एकाग्रता, नींद और पारिवारिक संबंध प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने तकनीक छोड़ने के बजाय उसके संतुलित और सकारात्मक उपयोग पर जोर दिया।

डॉ. अजीत राणा ने कहा कि राजयोग ध्यान, स्व-चिंतन और सकारात्मक विचार डिजिटल निर्भरता कम करने में मदद कर सकते हैं। उन्होंने सुबह उठते ही मोबाइल देखने से बचने, भोजन के समय फोन दूर रखने, सोने से पहले स्क्रीन का उपयोग सीमित करने और परिवार के साथ संवाद बढ़ाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि डिजिटल डिटॉक्स का उद्देश्य तकनीक से दूरी नहीं, बल्कि तकनीक पर नियंत्रण कायम करना है।