पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ एमडीयू में एनएसएस का राष्ट्रीय एकीकरण शिविर शुरू
कुलपति ने स्वयंसेवकों से जल संरक्षण और प्लास्टिक मुक्त पर्यावरण के लिए जागरूकता फैलाने का आह्वान किया
रोहतक, गिरीश सैनी। एमडीयू में बुधवार को राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) का राष्ट्रीय एकीकरण शिविर शुरू हुआ। शिविर में राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक विविधता में एकजुटता और सामाजिक सरोकारों में भागीदारी का संदेश दिया गया।
कुलपति प्रो. मिलाप पूनिया ने अध्यक्षीय संबोधन में शिविर को विविध संस्कृतियों का समावेशी संगम बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विभिन्न विचारों और संस्कृतियों को स्वीकार करने तथा एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने स्वयंसेवकों से जल संरक्षण और प्लास्टिक मुक्त पर्यावरण के लिए जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।
मुख्य अतिथि, समाजसेवी राजेश जैन ने कहा कि शिविर विभिन्न राज्यों के स्वयंसेवकों के बीच आपसी समझ बढ़ाने के साथ समता और समावेश के संस्कार विकसित करेगा। उन्होंने जलवायु परिवर्तन पर चर्चा और टिकाऊ जीवनशैली अपनाने पर जोर दिया।
विशिष्ट अतिथि एवं वर्ष 1969 के एनएसएस बैच के स्वयंसेवक कृष्ण कुमार गुप्ता ने राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का संदेश दिया। अधिष्ठाता (शैक्षणिक) प्रो. रणदीप राणा ने छोटे प्रयासों से बेहतर समाज निर्माण की अपील की।
एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक प्रो. सविता राठी ने स्वागत किया, जबकि प्रो. दिव्या मल्हान ने आभार जताया। मंच संचालन डॉ. महक डांगी तथा डॉ. रजनी ने किया। उद्घाटन सत्र में विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों ने अपने राज्य के परिचय पत्र पढ़कर शोभा यात्रा निकाली। इस दौरान निदेशक जनसंपर्क सुनित मुख़र्जी, उप समन्वयक (एनएसएस) डॉ. अंजू पंवार, डॉ. मनीषा, डॉ. अभिमन्यु, डॉ मीनाक्षी सहित अन्य अधिकारी, प्राध्यापक व शिविर प्रतिभागी मौजूद रहे।

Girish Saini

