तनाव के संकेत पहचानें, माइंडफुलनेस से पाएं मानसिक शांतिः पीजीआईएमएस विशेषज्ञ
नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में विद्यार्थियों से साझा किए तनाव प्रबंधन के तरीके
रोहतक/सोनीपत, गिरीश सैनी। विश्व मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम के तहत नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (एनएलयू), सोनीपत के विधि विभाग में आयोजित तनाव प्रबंधन कार्यशाला में विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व और तनाव से निपटने की व्यावहारिक तकनीकों की जानकारी दी गई।
विधि विभागाध्यक्ष डॉ. सुंदर सिंह और कुलसचिव डॉ. आशुतोष मिश्रा ने पीजीआईएमएस, रोहतक के इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ से आए विशेषज्ञों का स्वागत किया। डॉ. आयुषी और डॉ. सिमरन ने तनाव के लक्षणों तथा शारीरिक स्वास्थ्य, व्यवहार और शैक्षणिक प्रदर्शन पर इसके प्रभावों की जानकारी दी।
क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. जोगिंदर सिंह कैरो ने सकारात्मक सोच, भावनात्मक संतुलन और समय प्रबंधन को तनाव से निपटने में महत्वपूर्ण बताया। डॉ. पुरुषोत्तम ने विद्यार्थियों को माइंडफुलनेस तकनीकों का अभ्यास कराया और वर्तमान क्षण पर ध्यान केंद्रित करने के तरीके समझाए।
विशेषज्ञों ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है। नियमित अभ्यास से विद्यार्थी शैक्षणिक और व्यक्तिगत जीवन की चुनौतियों का बेहतर ढंग से सामना कर सकते हैं।

Girish Saini

