खाद के साथ जबरन दूसरे उत्पाद बेचना गैरकानूनीः डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान

किसानों को कृषि नियमों और अधिकारों के प्रति जागरूक करने पर जोर

खाद के साथ जबरन दूसरे उत्पाद बेचना गैरकानूनीः डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान

नीलोखेड़ी, गिरीश सैनी। खाद खरीदने के साथ किसानों को अन्य कृषि उत्पाद खरीदने के लिए बाध्य करना अनुचित है। किसानों को अपनी जरूरत के अनुसार कृषि सामग्री खरीदने का अधिकार है। हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान, नीलोखेड़ी के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने रेडियो ग्रामोदय 90.4 एफएम के राम राम हरियाणा ऑनलाइन कार्यक्रम में यह बात कही। कार्यक्रम में खाद के साथ अन्य उत्पादों की जबरन टैगिंग पर रोक और किसानों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने पर चर्चा हुई।

डॉ. चौहान ने कहा कि किसानों को खाद और अन्य कृषि सामग्री खरीदते समय अपने अधिकारों की जानकारी होनी चाहिए। उन्हें अनावश्यक उत्पाद खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने ऐसी शिकायतों के समाधान और ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

कृषि विभाग के कृषि विकास अधिकारी श्याम सिंह ने गेहूं की बिजाई, सरसों की खेती और आगामी फसल सीजन की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने किसानों को खाद के साथ अन्य उत्पादों की टैगिंग से जुड़े नियमों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि कृषि सामग्री खरीदते समय किसान पूरी जानकारी लें और परेशानी होने पर संबंधित विभाग के अधिकारियों के समक्ष शिकायत दर्ज कराएं।

राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान, हैदराबाद के वरिष्ठ सलाहकार गुरविंदर सिंह ने भी किसानों की समस्याएं सुनने और उन्हें संबंधित नियमों की जानकारी देने पर बल दिया।

इस दौरान किसानों और श्रोताओं ने फोन के माध्यम से सवाल पूछे। विशेषज्ञों ने कृषि संबंधी समस्याओं पर सलाह दी और शिकायतों के समाधान के लिए मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम में चरखी दादरी से प्रीतम यादव, अपना रेडियो के प्रतिनिधियों सहित अन्य प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।