रक्तबीज आदमी है का विमोचन तथा बीज कविता पर गंभीर चर्चा आयोजित

रक्तबीज आदमी है का विमोचन तथा बीज कविता पर गंभीर चर्चा आयोजित
अतिथि प्रो.विनोद शर्मा सम्बोधित करते हुए तथा पुस्तक का विमोचन करते हुए डा.अजय शर्मा,तरसेम गुजराल,डा.जवाहर धीर व अन्य।

फगवाड़ा: दोआबा साहित्य एवं कला अकादमी द्वारा गत दिवस आर्य माडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, गौशाला रोड फगवाड़ा में आयोजित एक प्रभावशाली कार्यक्रम में,जो अकादमी के अध्यक्ष डॉ जवाहर धीर की अध्यक्षता में हुआ में लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के हिन्दी विभाग के अध्यक्ष डॉ विनोद कुमार शर्मा ने मुख्य अतिथि के रुप में पधारे।इस कार्यक्रम में बीज कविता पर उपस्थित विभिन्न बुद्धिजीवियों ने चर्चा में भाग लिया।

कार्यक्रम के आरंभ में पंजाब (आजकल कैनेडा) के शिरोमणि साहित्यकार एवं बीज कविता के प्रणेता प्रो.मोहन सपरा की पुस्तक रक्तबीज आदमी है पर प्रो.विनोद कुमार शर्मा एवं आत्माराम बारुपाल द्वारा सम्पादित पुस्तक रक्तबीज आदमी है का क.ख.ग,का विमोचन ठाकुर दास चावला,डा. जवाहर धीर,डा.अजय शर्मा,तरसेम गुजराल, डा.यश चोपड़ा, ठाकुर दास चावला आदि ने मिलकर किया। इस अवसर पर प्रो.विनोद शर्मा ने बीज कविता, पर बोलते हुए कहा कि बीज कविता एक नवीन अवधारणा है जैसे कि वृक्ष कि फल बीज का ही प्रतिफलन है, वैसे ही कविता विचार बंधु का प्रस्फुटन बनकर सामने आती है।बीज कविता जिसमें जीवित कीसत्य,भोगा या कठिन साधना जो समय के साथ नये अर्थों में अंकुरित होती है।

बीज कविता पर परिचर्चा में डा.अजय शर्मा और तरसेम गुजराल ने बोलते हुए कहा कि मोहन सपरा द्वारा बीज कविता का प्रणेता बनना इस बात का प्रमाण है कि कविता रुपी वृक्ष की नई शाखाएं फूटने लगी हैं। कवि दिलीप कुमार पांडेय, रविन्द्र सिंह चोट, ठाकुर दास चावला, राजेश अध्याय, डा.यश चोपड़ा आदि ने भाग लिया जबकि कार्यक्रम को गीत-संगीत में ढालने का काम पंजाबी कवि सुखदेव सिंह गंडवां, हरचरण भारती, रविन्द्र सिंह राय, निरवैर सिंह नंधा ने किया जिसे भरपूर सराहना मिली।

इस अवसर पर उपस्थित अन्य बुद्धिजीवियों में नगर कौंसिल के पूर्व अध्यक्ष मलकीत सिंह रघवौत्रा, पत्रकार शिव कौड़ा, ब्रह्म दत्त, प्रो.पारुल शर्मा और ओम प्रकाश कमल भी‌ उपस्थित थे।