रिश्तों में प्रेम ही नहीं, सामाजिक समरसता का भी पर्व है रक्षाबंधनः डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान

रक्षाबंधन के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित।

रिश्तों में प्रेम ही नहीं, सामाजिक समरसता का भी पर्व है रक्षाबंधनः डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान

नीलोखेड़ी, गिरीश सैनी। हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान में राम-राम हरियाणा कार्यक्रम के तहत रक्षाबंधन के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। संस्थान के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए रक्षाबंधन को प्रेम, विश्वास, कर्तव्य और सामाजिक समरसता का पर्व बताया।

डॉ. चौहान ने कहा कि राखी का धागा भाई-बहन के स्नेह के साथ एक-दूसरे के प्रति जिम्मेदारियों और सम्मान का भी प्रतीक है। बदलते सामाजिक परिवेश में ऐसे पर्व परिवार और समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने तथा आपसी सहयोग और सौहार्द को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन की भावना को केवल एक दिन तक सीमित न रखकर जीवन और व्यवहार में अपनाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में पर्व केवल उत्सव नहीं, बल्कि मानवीय मूल्यों और सामाजिक एकता का संदेश भी देते हैं। रक्षाबंधन महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और समान अवसर सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी का भी बोध कराता है। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से संस्थान में भाईचारे, सहयोग और सकारात्मक कार्य वातावरण को बढ़ावा देने का आह्वान किया।

सहायक आचार्य डॉ. सुशील मेहता ने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के रिश्ते में प्रेम, विश्वास और अपनत्व को मजबूत करता है। सहायक आचार्य संदीप कुमार ने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन परंपराओं से जोड़ने के साथ आपसी मेल-जोल और सामाजिक समरसता को भी बढ़ावा देते हैं।

प्रतिभागियों ने एक-दूसरे को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं और भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं के संरक्षण का संकल्प लिया। इस दौरान प्रीतम यादव, सौरभ अरोड़ा, मोहित कुमार सहित संस्थान के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।