इतिहास में दबे वर्गों की आवाज को सामने लाए प्रो. सुमित सरकारः प्रो. बी.डी. यादव

एमडीयू में इतिहास से संवाद कार्यक्रम, प्रख्यात इतिहासकार को दी श्रद्धांजलि

इतिहास में दबे वर्गों की आवाज को सामने लाए प्रो. सुमित सरकारः प्रो. बी.डी. यादव

रोहतक, गिरीश सैनी। एमडीयू के इतिहास एवं पुरातत्व विभाग और इतिहास चेतना-द हिस्ट्री सोसायटी की ओर से सोमवार को प्रख्यात इतिहासकार प्रो. सुमित सरकार की स्मृति में -इतिहास से संवादः सुमित सरकार स्मृति व्याख्यान आयोजित किया गया। शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने प्रो. सरकार के भारतीय इतिहास लेखन में योगदान को याद किया।

सामाजिक विज्ञान संकाय के डीन एवं संबंधित विभागों के अध्यक्ष प्रो. सेवा सिंह दहिया ने कहा कि इतिहास को केवल घटनाओं और तिथियों तक सीमित नहीं किया जा सकता। उसके सामाजिक संदर्भ को समझना भी जरूरी है। विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. जयवीर सिंह धनखड़ भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

मुख्य वक्ता प्रख्यात इतिहासकार एवं आधुनिक भारतीय इतिहास और राष्ट्रवादी आंदोलनों के विशेषज्ञ प्रो. बी.डी. यादव ने कहा कि प्रो. सुमित सरकार ने इतिहास लेखन में किसानों, व्यापारियों, महिलाओं और आदिवासी समुदायों जैसे उन वर्गों की आवाज को प्रमुखता दी, जिन्हें मुख्यधारा के इतिहास में अपेक्षाकृत कम स्थान मिला। उन्होंने इतिहास को सामाजिक संदर्भ से जोड़कर जन आंदोलनों और भारतीय समाज को समझने की नई दृष्टि दी।

उन्होंने विद्यार्थियों से इतिहास को रटने के बजाय तथ्यों, प्रमाण और आलोचनात्मक दृष्टिकोण के आधार पर समझने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इतिहास अतीत की घटनाओं का संग्रह भर नहीं, बल्कि समाज को समझने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

व्याख्यान में सामाजिक इतिहास, जन आंदोलनों और आलोचनात्मक इतिहास लेखन पर भी चर्चा हुई।