कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ को प्रो. संजीव ने पुस्तक भेंट की
रोहतक, गिरीश सैनी। एमडीयू के कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ को पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग के प्रो. संजीव कादयान ने स्व-संपादित पुस्तक -स्कॉलरली आउटपुट इन नार्दर्न इंडिया: ट्रेंड्स, इम्पैक्ट एंड इंस्टीट्यूशनल इनसाइट्स (अमेरिका के प्रतिष्ठित प्रकाशन संस्थान डब्ल्यूएच हॉफमैन एलएलसी द्वारा प्रकाशित) भेंट की। ये पुस्तक उत्तर भारत के विवि एवं उच्च शिक्षण संस्थानों की शोध गतिविधियों, शोध गुणवत्ता और शैक्षणिक प्रभाव का व्यापक विश्लेषण प्रस्तुत करती है।
कुलपति प्रो. मिलाप पुनियाँ ने कहा कि शोध किसी भी विवि की शैक्षणिक उत्कृष्टता का सबसे बड़ा पैमाना है। नई शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए गुणवत्तापूर्ण, नवाचार आधारित और समाजोपयोगी शोध को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक उत्तर भारत के शोध परिदृश्य का तथ्यपरक दस्तावेज है, जो शोधकर्ताओं, शिक्षकों और नीति-निर्माताओं को शोध की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण आधार उपलब्ध कराएगी। उन्होंने प्रो. संजीव कादयान को इस उपलब्धि पर बधाई और शुभकामनाएं दी।
पुस्तक के संपादक प्रो. संजीव कादयान ने बताया कि पुस्तक में उत्तर भारत के विभिन्न विवि और उच्च शिक्षण संस्थानों की शोध उत्पादकता, प्रकाशन प्रवृत्तियों, उद्धरण प्रभाव तथा संस्थागत प्रदर्शन का वैज्ञानिक एवं तुलनात्मक अध्ययन किया गया है। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक साइंटोमेट्रिक्स, शोध मूल्यांकन और उच्च शिक्षा नीति के क्षेत्र में कार्यरत शिक्षकों, शोधार्थियों, पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विशेषज्ञों तथा नीति-निर्माताओं के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ ग्रंथ साबित होगी।
कुलसचिव प्रो. संदीप बंसल ने कहा कि विवि में गुणवत्तापूर्ण शोध और अंतरराष्ट्रीय स्तर के अकादमिक प्रकाशनों को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पुस्तक भारतीय उच्च शिक्षा में शोध मूल्यांकन और संस्थागत विकास के लिए उपयोगी सिद्ध होगी।
Girish Saini 


