33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू करने की मांग को लेकर मानसून सत्र में जंतर-मंतर पर आंदोलन की तैयारी

महिला आरक्षण को जनगणना और परिसीमन की शर्त से अलग कर बिना किसी देरी के लागू करने की मांग।

33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू करने की मांग को लेकर मानसून सत्र में जंतर-मंतर पर आंदोलन की तैयारी

रोहतक, गिरीश सैनी। महिला आरक्षण अधिनियम-2023 को तत्काल लागू करने की मांग को लेकर देशभर के विभिन्न महिला संगठनों, नागरिक समाज समूह और सामाजिक संगठनों ने एकजुट होकर केंद्र सरकार से मानसून सत्र में आवश्यक संशोधन करने की मांग की है। इन संगठनों का कहना है कि महिला आरक्षण को जनगणना और परिसीमन की शर्त से अलग कर बिना किसी देरी के लागू किया जाए।

इस आशय की जानकारी विभिन्न संगठनों की महिला प्रतिनिधियों ने अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति द्वारा आयोजित पत्रकार वार्ता में दी। इस दौरान जनवादी महिला समिति की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ जगमति सांगवान, केंद्रीय कमेटी सदस्य प्रो. मंजीत राठी, राज्य महासचिव उषा सरोहा, राज्य अध्यक्ष सविता, राज्य कमेटी सदस्य राजकुमारी दहिया, जिला सहसचिव मुनमुन हजारिका, सीटू की कामकाजी महिला समन्वय समिति की सह-संयोजक किरण, हरियाणा ज्ञान विज्ञान समिति की समता संयोजक मनीषा, इतिहासकार व रिटायर्ड प्रोफेसर डॉ. नीलिमा दहिया, जन संघर्ष मंच की राज्य उपाध्यक्ष डॉ. सुनीता त्यागी, एसएफआई के राज्य अध्यक्ष अक्षय, सर्व कर्मचारी संघ के जिला कोषाध्यक्ष जोगेंद्र दलाल सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

उपस्थित प्रतिनिधियों ने एक स्वर में महिला आरक्षण को शीघ्र लागू करने की मांग दोहराते हुए आरोप लगाया कि भाजपा सरकार इस कानून के क्रियान्वयन में अनावश्यक देरी कर रही है। महिला नेताओं ने कहा कि संसद और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण के लिए महिलाओं का आंदोलन दशकों पुराना है। सबसे पहले ये बिल 30 साल पहले 1996 में लाया गया था। आखिरकार जब 2023 में महिला आरक्षण कानून पास हुआ तो इसे जनगणना और परिसीमन से जोड़ दिया गया।

प्रतिनिधियों ने कहा कि भाजपा सरकार परिसीमन के अपने राजनीतिक एजेंडा के लिए महिला आरक्षण का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने संसद में 13 प्रतिशत और विधानसभा में 9 प्रतिशत से भी कम महिलाएं होने को शर्मनाक करार देते हुए महिला आरक्षण में और अधिक देरी को महिलाओं के संघर्ष के साथ धोखा बताया । उन्होंने कहा कि अगर सरकार इस मामले में गंभीर है तो उसे मानसून सत्र में जरूरी बदलाव करके 33  प्रतिशत आरक्षण तुरंत लागू करना चाहिए। सभी ने एकजुट होकर मांग की कि केंद्र सरकार इसी सत्र में महिला आरक्षण अधिनियम में आवश्यक संशोधन कर 33 प्रतिशत आरक्षण को तत्काल प्रभाव से लागू करे। उन्होंने जानकारी दी कि महिला संगठनों की ओर से 20 जुलाई से 13 अगस्त तक संसद के मॉनसून सत्र के दौरान इस मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।