इंडिया टूडे - एमडीआरए सर्वे में पीजीआईएमएस, रोहतक 26 वें स्थान पर

पीजीआईडीएस देश भर के डेंटल कॉलेजों में चौथे स्थान पर।

इंडिया टूडे - एमडीआरए सर्वे में पीजीआईएमएस, रोहतक 26 वें स्थान पर

रोहतक, गिरीश सैनी। प्रतिष्ठित इंडिया टूडे - एमडीआरए सर्वे में पीजीआईएमएस, रोहतक को पूरे देश के मेडिकल कॉलेजों में से 26वां स्थान प्राप्त हुआ है। वहीं पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज ने इस सर्वे में देश भर के डेंटल कॉलेजों में चौथा स्थान प्राप्त किया है।

पं. भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विवि के कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफलता किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे यूएचएसआर परिवार की मेहनत का फल है। उन्होंने कहा कि हमारे डॉक्टर, शिक्षक, नर्स, कर्मचारी और छात्र दिन-रात मरीजों की सेवा और शिक्षा के लिए समर्पित हैं। अब हमारा लक्ष्य है कि अगले सर्वे में पीजीआईएमएस देश के टॉप-20 मेडिकल कॉलेजों में शामिल हो, जिसके लिए हम शोध, नवाचार और अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं पर विशेष ध्यान दे रहे हैं।

निदेशक डॉ. एस.के. सिंघल ने कहा कि सर्वे में हमें शैक्षणिक गुणवत्ता, योग्य और अनुभवी फैकल्टी, मरीज देखभाल और व्यापक स्नातक व स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में अच्छे अंक मिले हैं। हमारा प्रयास रहेगा कि रिसर्च पेपर, पेटेंट और बाहरी फंड वाले प्रोजेक्ट्स की संख्या बढ़ाकर संस्थान को और ऊंचाइयों पर ले जाएं।

कुलसचिव डॉ. रूप सिंह ने कहा कि इस सर्वे में भागीदारी के लिए सभी विभागों से डेटा एकत्र करना एक बड़ा कार्य था। सभी विभागों और प्रशासनिक अधिकारियों के सहयोग से समय पर जानकारी पोर्टल पर अपलोड की गई। डीन डॉ. अशोक चौहान ने कहा कि हमारा संस्थान सर्वोत्तम शिक्षा प्रदान करने के कारण हरियाणा में पहले नंबर पर है।

डेंटल कॉलेज की प्राचार्या डॉ. मनु राठी ने बताया कि दंत चिकित्सा के क्षेत्र में देशभर में चौथी रैंकिंग पीजीआईडीएस के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है। उन्होंने बताया कि मरीजों की सुविधा के लिए संस्थान में आधुनिक डेंटल चेयर, लैब और अनुभवी प्रोफेसर उपलब्ध हैं।

जनसंपर्क विभाग के इंचार्ज डॉ. मंजूनाथ बीसी ने सर्वे की जानकारी देते हुए बताया कि इसमें प्रतिभागी संस्थानों को 8 मुख्य बिंदुओं परखा जाता है, जिनमें शैक्षणिक उत्कृष्टता और पढ़ाई की गुणवत्ता, फैकल्टी की संख्या, योग्यता व अनुभव,  रिसर्च, प्रकाशन, पेटेंट व नवाचार इंफ्रास्ट्रक्चर, लैब, लाइब्रेरी व संसाधन  क्लिनिकल एक्सपोजर, मरीजों की संख्या व प्रैक्टिकल ट्रेनिंग, छात्रों का प्रदर्शन व शिक्षा  प्रबंधन, नेतृत्व व संस्थान की प्रतिष्ठा, प्लेसमेंट व विशेषज्ञों में छवि शामिल हैं। उन्होंने बताया कि संस्थान को सबसे ज्यादा अंक उच्च क्लिनिकल वर्कलोड, अनुभवी फैकल्टी, व्यापक मरीज सेवाएं और मजबूत शैक्षणिक प्रतिष्ठा में मिले हैं।