तीन दिन बिजली ठप, मंडियों में फसल बर्बाद; पूर्व सीएम हुड्डा ने सरकार को घेरा
बोलेः हर वर्ग परेशान, निजीकरण से किसानों की सब्सिडी पर संकट; धान-बाजरा एमएसपी से नीचे बेचने को मजबूर किसान
रोहतक, गिरीश सैनी। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बीजेपी सरकार पर बिजली संकट, फसल खरीद में देरी और बिगड़ती आर्थिक स्थिति को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि किसान, मजदूर, कर्मचारी और व्यापारी समेत हर वर्ग परेशान है।
अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत में हुड्डा ने तीन दिन तक बिजली व्यवस्था ठप रहने के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण के निजीकरण का मुद्दा विधानसभा में उठाया था, लेकिन सरकार ने इसे नजरअंदाज किया। उन्होंने आशंका जताई कि निजीकरण से किसानों की बिजली सब्सिडी पर संकट आ सकता है। कांग्रेस इसका विरोध करेगी।
पूर्व सीएम ने धान-बाजरे की खरीद में देरी और मंडियों से फसल का उठान नहीं होने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि बारिश से मंडियों में लाखों मीट्रिक टन धान खराब हुआ, जिससे किसानों और आढ़तियों को नुकसान हुआ। उनके अनुसार, किसानों को धान एमएसपी से 400 रुपये और बाजरा 800 से 900 रुपये प्रति क्विंटल कम भाव पर बेचना पड़ रहा है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय स्थिति के मामले में हरियाणा 18 राज्यों में 14वें स्थान पर है। उन्होंने सामाजिक प्रगति सूचकांक का हवाला देते हुए प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि बीजेपी शासन में रोजगार, कानून व्यवस्था और आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई है।

Girish Saini

