700 विद्यार्थियों की भागीदारी से फिजियोथेरेपी वेबिनार सीरीज का आगाज
फिजियोथेरेपिस्ट मरीजों की रिकवरी में रामबाण भूमिका निभा रहेः डॉ. एच.के. अग्रवाल
रोहतक, गिरीश सैनी। पं. भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विवि (यूएचएसआर), रोहतक के कॉलेज ऑफ फिजियोथेरेपी द्वारा विश्व फिजियोथेरेपी माह के तहत आयोजित वेबिनार सीरीज की शुरुआत बुधवार को एलटी-5, पीजीआईएमएस में हुई। इस सीरीज में करीब 700 विद्यार्थियों ने भाग लिया, जबकि हरियाणा के विभिन्न कॉलेजों के साथ यूएचएसआर के संबद्ध कॉलेजों को भी पहली बार लाइव प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया।
बतौर मुख्य अतिथि, कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने कहा कि आधुनिक चिकित्सा में फिजियोथेरेपी का महत्व लगातार बढ़ रहा है। सर्जरी, आईसीयू और गंभीर बीमारियों से उबर रहे मरीजों की रिकवरी में फिजियोथेरेपिस्ट रामबाण की भूमिका निभा रहे हैं। स्ट्रोक, पार्किंसन, ऑर्थोपेडिक सर्जरी और आईसीयू मरीजों को सामान्य जीवन में लौटाने में फिजियोथेरेपी बेहद महत्वपूर्ण है।
कुलपति ने विद्यार्थियों से अनुशासन, समर्पण और मरीजों के प्रति संवेदनशीलता के साथ काम करने तथा निरंतर शोध से वैश्विक पहचान बनाने का आह्वान किया।
कुलसचिव एवं कॉलेज ऑफ फिजियोथेरेपी के प्राचार्य डॉ. रूप सिंह ने एमपीटी विद्यार्थियों से अपनी रिसर्च और थीसिस को प्रकाशित कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि शोध प्रकाशित होने से उसका लाभ देशभर के मरीजों और चिकित्सकों तक पहुंच सकता है।
पीजीआईएमएस निदेशक डॉ. एस.के. सिंघल ने कहा कि फिजियोथेरेपी अब केवल एक विभाग नहीं, बल्कि आधुनिक चिकित्सा की रीढ़ है। पाठ्यक्रम, शोध और क्लिनिकल ट्रेनिंग को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने पर जोर दिया जाएगा।
वेबिनार में डॉ. जयप्रकाश जयावेलू, डॉ. शेफाली वालिया, डॉ. अल्का पवालिया, डॉ. नितिन धर और डॉ. नविंदरपाल सिंह ने न्यूरो, ऑर्थो, कार्डियो और स्पोर्ट्स फिजियोथेरेपी पर विशेषज्ञ व्याख्यान दिए। इस दौरान चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कुंदन मित्तल, डेंटल कालेज की प्राचार्या डॉ. मनु राठी, जनसंपर्क विभाग के इंचार्ज डॉ. मंजूनाथ, सहित फैकल्टी सदस्य और विद्यार्थी मौजूद रहे।

Girish Saini 

