पीजीआईएमएस के शिशु रोग विभाग को मिली बड़ी सौगात

कुलपति डॉ एच.के. अग्रवाल ने किया 80 सीट क्षमता वाले पीजी डेमोंस्ट्रेशन रूम का उद्घाटन।

पीजीआईएमएस के शिशु रोग विभाग को मिली बड़ी सौगात

रोहतक, गिरीश सैनी। पं. भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विवि के कुलपति डॉ एच.के. अग्रवाल ने बतौर मुख्य अतिथि, पीजीआईएमएस के शिशु रोग विभाग में नवनिर्मित पोस्ट ग्रेजुएट डेमोंस्ट्रेशन रूम का विधिवत उद्घाटन किया। इस अत्याधुनिक हाल के शुरू होने से विभाग की शैक्षणिक और शोध गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी।

कुलपति डॉ एच.के. अग्रवाल ने कहा कि विवि प्रशासन का लक्ष्य पीजीआईएमएस को देश के अग्रणी चिकित्सा संस्थानों में शामिल करना है, जिसके लिए इंफ्रास्ट्रक्चर को लगातार अपग्रेड किया जा रहा है। शिशु रोग विभाग में हर साल गंभीर बीमारियों से ग्रस्त हजारों बच्चे इलाज के लिए आते हैं। ऐसे में जरूरी है कि यहां से प्रशिक्षित होकर निकलने वाले बाल रोग विशेषज्ञ क्लिनिकली और एकेडमिकली पूरी तरह सक्षम हों। यह नया डेमोंसट्रेशन रूम उसी दिशा में एक अहम कदम है।

कुलपति डॉ अग्रवाल ने कहा कि बेहतर टीचिंग सुविधाएं सीधे तौर पर मरीजों की देखभाल से जुड़ी हैं। जब रेजिडेंट डॉक्टर को केस डिस्कशन और डेमोंसट्रेशन के लिए पर्याप्त स्थान और संसाधन मिलेंगे, तो वे जटिल बीमारियों को बेहतर तरीके से समझ पाएंगे और इलाज में उसका लाभ मरीजों को मिलेगा।

कुलसचिव डॉ रूप सिंह ने कहा कि विवि प्रशासन शिक्षा के साथ-साथ शोध को भी बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने  बताया कि इस डेमोंसट्रेशन हाल में पीजी छात्र अपने थीसिस वर्क को प्रस्तुत करने के साथ ही, फैकल्टी से सीधा फीडबैक ले सकेंगे और मल्टी-सेंट्रल रिसर्च पर भी चर्चा कर सकेंगे। डीन छात्र कल्याण डॉ. सविता सिंघल ने कहा कि इस हॉल के बनने से शिशु रोग विभाग के चिकित्सकों और रेजिडेंट डॉक्टरों में काफी उत्साह है।

चिकित्सा अधीक्षक एवं विभागाध्यक्ष डॉ कुंदन मित्तल ने बताया कि शिशु रोग विभाग में वर्तमान में करीब 45 रेजिडेंट और 12 सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर प्रशिक्षण ले रहे हैं। अब तक विभाग के पास केवल 30 सीटिंग क्षमता का एक ही डेमोंसट्रेशन रूम उपलब्ध था, जिसके चलते क्लिनिकल केस प्रेजेंटेशन, सेमिनार, थीसिस डिस्कशन और वर्कशॉप के आयोजन में काफी कठिनाई आती थी। 80 सीट क्षमता का ये नया डेमोंस्ट्रेशन हाल मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, स्वास्थ्य मंत्री आरती राव, एसीएस एमईआर, कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल के मार्गदर्शन और उनके द्वारा उपलब्ध करवाए गए बजट की देन है। इससे न केवल टीचिंग की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि रिसर्च प्रोटोकॉल पर चर्चा और डेटा प्रेजेंटेशन भी आसानी से हो पाएगा। इस दौरान डॉ. एन.डी. वासवानी, डॉ. अल्का, डॉ. वंदना, डॉ. आलोक सहित वरिष्ठ चिकित्सक, फैकल्टी सदस्य और काफी संख्या में पीजी रेजिडेंट डॉक्टर मौजूद रहे।