भत्ते बहाल नहीं हुए तो 21 सितंबर से कलम-बंद हड़ताल

महिला मेडिकल कॉलेज के शिक्षकों ने दी चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी, हर माह ₹22,500 के नुकसान का दावा।

भत्ते बहाल नहीं हुए तो 21 सितंबर से कलम-बंद हड़ताल

रोहतक/गोहाना, गिरीश सैनी। बीपीएस राजकीय महिला मेडिकल कॉलेज, खानपुर के मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन ने संकाय सदस्यों के शैक्षणिक एवं विशेष भत्तों पर लगी रोक हटाने और खानपुर कलां-गोहाना सड़क की मरम्मत की मांग को लेकर चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है। एसोसिएशन की शुक्रवार को हुई आम सभा की बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया।

एसोसिएशन ने संस्थान निदेशक को दिए प्रतिवेदन में कहा कि संकाय सदस्यों को मिलने वाले दोनों भत्ते मई 2026 से रोक दिए गए हैं। इन भत्तों को वर्ष 2012 से सरकारी आदेशों के तहत नियमित रूप से दिए जाने का दावा करते हुए कहा गया कि अन्य विभागों में कथित विसंगतियों के आधार पर इनकी रोक उचित नहीं है। शिक्षकों के अनुसार, इससे प्रत्येक संबंधित संकाय सदस्य को करीब ₹22,500 प्रति माह का आर्थिक नुकसान हो रहा है।

एसोसिएशन ने कहा कि संस्थान पहले ही करीब 50 प्रतिशत संकाय की कमी से जूझ रहा है। इसके बावजूद शिक्षक मरीजों की देखभाल, शिक्षण, परीक्षाओं और अनुसंधान समेत अन्य जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। पूर्व में निदेशक और डीएमईआर के समक्ष कई बार मामला उठाए जाने के बावजूद समाधान नहीं होने से शिक्षकों में असंतोष बढ़ रहा है।

बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार, 14 सितंबर से शिक्षक काले बिल्ले लगाकर विरोध जताएंगे। 19 सितंबर तक सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने पर 21 सितंबर से रोजाना सुबह 11 से दोपहर 12 बजे तक एक घंटे की कलम-बंद हड़ताल की जाएगी। 25 सितंबर को स्थिति की समीक्षा के बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल, सामूहिक आकस्मिक अवकाश या त्यागपत्र जैसे विकल्पों पर भी विचार किया जा सकता है।

एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि आंदोलन का उद्देश्य मरीजों की चिकित्सा सेवाओं को बाधित करना नहीं, बल्कि मांगों पर सक्षम अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करना है।