एआई के दौर में सांख्यिकी बनेगी स्मार्ट तकनीक की रीढ़

एआई के दौर में सांख्यिकी बनेगी स्मार्ट तकनीक की रीढ़

रोहतक, गिरीश सैनी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते प्रभाव के बीच सांख्यिकी और डेटा साइंस की भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई है। इसी विषय पर एमडीयू के सांख्यिकी एवं डेटा साइंस विभाग में रोल ऑफ स्टेटिस्टिक्स इन एआई-ड्रिवन 21वीं सेंचुरीः चैलेंजेस एंड अपॉर्च्युनिटीज विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई।

कुरुक्षेत्र विवि के पूर्व प्रो-वाइस चांसलर प्रो. डी.एस. हुड्डा ने बतौर मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता शिरकत की। उन्होंने भारत में सांख्यिकी के विकास और एआई के दौर में इसकी उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विश्वसनीय डेटा और सटीक सांख्यिकीय विश्लेषण एआई आधारित निर्णयों की मजबूत नींव हैं।

विभागाध्यक्ष प्रो. नसीब सिंह ने कहा कि सांख्यिकी और डेटा साइंस का समन्वय स्मार्ट एवं इंटेलिजेंट तकनीकों के विकास में अहम भूमिका निभा रहा है। आयोजन सचिव डॉ. संजू ने स्वागत किया। डॉ. अजय शर्मा, डॉ. पूरन राठी और डॉ. विपिन बाला ने भी विचार रखे। कार्यशाला में बीएससी व एमएससी सांख्यिकी के विद्यार्थियों और शोधार्थियों ने भाग लिया तथा प्रश्नोत्तर सत्र में विशेषज्ञों से संवाद किया। मंच संचालन विधि ने किया।