पोस्टरों में दिखी विभाजन की पीड़ा, सुपवा छात्रों ने दिया भाईचारे का संदेश
रोहतक, गिरीश सैनी। दादा लख्मी चंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विवि (डीएलसी सुपवा) में सोमवार को विभाजन विभीषिका विषय पर पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने 1947 के भारत विभाजन के दौरान विस्थापन, हिंसा, बिछड़ते परिवारों और शरणार्थियों की पीड़ा को पोस्टरों के जरिए प्रभावशाली ढंग से उकेरा। छह विद्यार्थियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहन पुरस्कार दिए गए।
प्लानिंग एवं आर्किटेक्चर फैकल्टी के सेमिनार हॉल में आयोजित कार्यक्रम में हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी के निदेशक डॉ. धर्मदेव विद्यार्थी मुख्यातिथि रहे। युवा कल्याण समन्वयक नरेंद्र सिंह विशिष्ट अतिथि रहे, जबकि अध्यक्षता कुलपति डॉ. अमित आर्य ने की। प्रतियोगिता का आयोजन डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर की ओर से किया गया।
डीन छात्र कल्याण विनय कुमार ने कहा कि विभाजन जैसी त्रासद घटनाओं को याद करने का उद्देश्य वैमनस्य पैदा करना नहीं, बल्कि इतिहास से सीख लेकर भविष्य में ऐसी परिस्थितियों को रोकना है। विद्यार्थियों ने पोस्टरों में -एकता में शक्ति है, नफरत नहीं, भाईचारा चाहिए और इतिहास से सीखें, भविष्य संवारें जैसे संदेशों के जरिए शांति, एकता और सद्भाव का आह्वान किया।
निर्णायक मंडल ने विषयवस्तु, रचनात्मकता, प्रस्तुतीकरण, संदेश की स्पष्टता और कलात्मकता के आधार पर पोस्टरों का मूल्यांकन किया। विद्यार्थियों अमन, कंगना, एकता, निकुंज, राखी और हेमंत कुमार को प्रोत्साहन पुरस्कार मिला।
कुलपति डॉ. अमित आर्य ने कहा कि विभाजन की विभीषिका मानवता, सहिष्णुता और एकता का महत्व समझाती है। विद्यार्थियों ने सामाजिक सद्भाव और देश की एकता मजबूत करने का संकल्प लिया।

Girish Saini 

