एनएसएस विशेष शिविर के चौथे दिन किया ग्रामीणों से संवाद
रोहतक, गिरीश सैनी। महारानी किशोरी जाट कन्या महाविद्यालय की एनएसएस इकाइयों द्वारा गांव मायना में जारी सात दिवसीय विशेष शिविर के चौथे दिन की शुरुआत प्रातः योग सत्र से हुई, जिसमें स्वयंसेविकाओं ने अनुलोम-विलोम, प्राणायाम, कपालभाति आदि योग अभ्यास किए।
एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी सोफिया जाखड़ एवं डॉ. सविता मलिक ने बताया कि डॉ. नसीब सिंह गिल ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव, उसके अवसरों एवं चुनौतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। इसके बाद स्वयंसेविकाओं ने गांव मायना के बुजुर्गों के साथ संवाद किया। ग्रामीणों - महादेव सिंह, रोहतास, रामबंद, राजकुमार, चाँद सिंह, हरि भगवान, महासिंह आदि ने पुराने और वर्तमान समय की जीवनशैली में आए बदलावों, खान-पान, रहन-सहन, व्यवहार एवं सामाजिक मूल्यों पर अपने अनुभव साझा किए।
ध्यान सत्र में एम.एस. हुड्डा ने ध्यान को एक मानसिक एवं आध्यात्मिक साधना बताते हुए इसके फायदों की जानकारी दी। तत्पश्चात स्वयंसेविकाओं ने गांव मायना स्थित शिव मंदिर परिसर में स्वच्छता अभियान के तहत श्रमदान कर मंदिर एवं उसके आसपास के क्षेत्र की साफ-सफाई की। शाम के सत्र में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में स्वयंसेविकाओं ने गीत, नृत्य एवं अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी।
Girish Saini 

