भारंगम के अंतिम दिन श्रीलंका के नाटक कोलम्बा हाथे थोराना का मंचन

सिंहली भाषा में प्यार, शादी व संघर्ष की कहानी पेश की।

भारंगम के अंतिम दिन श्रीलंका के नाटक कोलम्बा हाथे थोराना का मंचन

रोहतक, गिरीश सैनी। नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (एनएसडी), नई दिल्ली की ओर से दादा लख्मी चंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विवि (डीएलसी सुपवा) में आयोजित भारत रंग महोत्सव (भारंगम) का 25वां संस्करण वीरवार को संपन्न हुआ। इस चार दिवसीय महोत्सव के अंतिम दिन श्रीलंका के अपूर्वा थिएटर ग्रुप से जुड़े कलाकारों ने नाटक कोलम्बा हाथे थोराना का मंचन किया। इंसानी रिश्तों की नाजुकता दर्शाता ये नाटक श्रीलंका की भाषा सिंहली में पेश किया गया। पर नाटक का सार व संवाद के सब टाइटल दिखाने के लिए ऑडिटोरियम में एक प्रोजेक्टर स्क्रीन भी लगाई गई। हालांकि कलाकारों के शानदार अभिनय के आगे दर्शकों को भाषा किसी तरह की बाधा महसूस नहीं हुई।

इस नाटक का निर्देशन व लेखन डॉ चमिका हथ्लहावट्टा ने किया। दो घंटे की अवधि के नाचक कोलम्बा हाथे थोराना में आठ संगीतकार, गायक व अभिनेताओं ने मिलकर दर्शकों को एक ऐसे पंडाल की कल्पना करने के लिए आमंत्रित किया, जो रोशनी व कपड़े से नहीं, बल्कि उनकी अपनी आवाजों व शरीर से निर्मित होता है। संगीत, अभिनय व शारीरिक अभिव्यक्ति के माध्यम से साकार इस नाटक को प्यार, शादी व संघर्ष तीन भागों में बांटा गया। प्रत्येक भाग में पात्र अपनी-अपनी भूमिका बदलते रहे और कहानियां नया रूप लेती रहीं। प्यार वाले भाग में एक स्कूल असेंबली का दृश्य बना, जहां एक छात्र न्याय की मांग करता है। इस घटना से प्रेम व निराशा के बीच टकराव उत्पन्न होता है। शादी वाले भाग में वही पात्र जबरन विवाह, टूटे संबंधों व अकेलेपन की कहानी को फिर से जीते हुए दिखाई देते हैं। संघर्ष वाले भाग में इन व्यक्तिगत संघर्षों को व्यापक राजनीतिक पृष्ठभूमि में रखा गया, जहां निजी संघर्ष व सामाजिक अशांति को दिखाया गया, जो बाद में हिंसा, विश्वासघात व दुखद परिणामों में बदल जाता है।

इस नाटक में प्रेम, विवाह, संघर्ष व समाज के जटिल संबंधों को प्रभावशाली व संवेदनशील ढंग से प्रस्तुत किया गया। नाटक में स्टेज पर निपुनी शारदा, थिलीनी जयमाली, जेनॉट एंथनी, अकालंका प्रभाश्वरा, सुदर्शन कृष्णथा, हेसन कुरुप्पू, पासन राणावीरा, चानुका संदीप ने अभिनय किया। वहीं, मंच के पीछे निलंका निसलंजला ने प्रोडक्शन व मार्केटिंग, संदुन लक्षन ने प्रोडक्शन मैनेजर, लसित लियानागे व निशशंका राजपक्ष ने स्टेज मैनेजमेंट, लाहिरु मडीविला ने म्यूजिक, दुलज चमारा ने बॉडी पर्क्यूशन, देवांगनी दिसानायका ने कोरियोग्राफी, असेला नुवान ने लाइट डिजाइन और यूआर डी सिल्वा ने प्रोड्यूसर की भूमिका निभाई।