गीत-संगीत, अभिनय व रंगमंच के मनमोहक रंगों के साथ भारंगम व सारंग संपन्न

कला व संस्कृति के कुंभ का अंतिम दिन नृत्य व गीत-संगीत के नाम रहा।

गीत-संगीत, अभिनय व रंगमंच के मनमोहक रंगों के साथ भारंगम व सारंग संपन्न

रोहतक, गिरीश सैनी। दादा लख्मी चंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विवि (डीएलसी सुपवा) में नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (एनएसडी) द्वारा आयोजित भारत रंग महोत्सव (भारंगम) के 25वें संस्करण और विवि के अपने सारंग महोत्सव का वीरवार को गीत-संगीत, अभिनय व नृत्य की रंगारंग प्रस्तुतियों के साथ समापन हुआ। इस चार दिवसीय महोत्सव के भव्य समापन समारोह में कला व संस्कृति जगत की नामचीन हस्तियों ने शिरकत की, जिनमें पद्मश्री से सम्मानित प्रसिद्ध लोक गायिका मालिनी अवस्थी, ना आना इस देश लाडो फेम अभिनेत्री मेघना मलिक, बॉलीवुड अभिनेता सुनील चितकारा, अभिनेता विक्रम कोचर, सनसनी फेम श्रीवर्धन त्रिवेदी, हरियाणा सीएम के ओएसडी वीरेंद्र बड़खालसा, भारतीय चित्र साधना फिल्म महोत्सव के संयोजक नरेंद्र ठाकुर, चिल्ड्रन फाउंडेशन के हेड अनिल पांडे, एबीवीपी के संगठन मंत्री संजय कुशवाहा, अभिनेत्री सुमित्रा हुड्डा पेडनेकर, फिल्म निर्देशक अतुल गंगवार मुख्य रूप से मौजूद रहे। कुलपति डॉ. अमित आर्य एवं कुलसचिव डॉ. गुंजन मलिक मनोचा ने अतिथियों का स्वागत किया और उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। 

समापन सत्र में गायिका मालिनी अवस्थी ने पूर्वांचल में शादी के दौरान महिलाओं द्वारा गाए जाने वाले गीतों के दौरान होने वाले अभिनय का शानदार मंचन देते कहा कि हमारी दादी, नानी और पुरानी महिलाओं ने अभिनय सीखा नहीं है, लेकिन वह शादी-विवाह के गीतों पर हंसने व रोने के भाव काफी शानदार तरीके से पेश करती हैं। उनके द्वारा नखरे वाली बन्नो आई पिया गीत की पेशकश पर दर्शक झूम उठे। अभिनेत्री मेघना मलिक भी खुद को रोक नहीं पाई और मंच पर डांस करने पहुंच गई। मालिनी अवस्थी ने सुपवा के माहौल की तुलना एनएसडी से करते हुए कहा कि सुपवा की धरती पर कुलपति डॉ. अमित आर्य ने जिस तरह से कला का बीज बोया है और उसकी बागवानी के साथ-साथ उसकी रखवाली भी की है, वह शानदार है।

अभिनेत्री मेघना मलिक ने कहा कि पहले अभिनय को लेकर एकमात्र संस्थान एनएसडी था, जिसे अधिकतर लोग नहीं जानते थे। लेकिन आज रोहतक में सुपवा जैसा संस्थान है। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि अपने शिक्षकों से ज्यादा से ज्यादा ज्ञान अर्जित करें। सनसनी फेम एंकर व रंगकर्मी श्रीवर्धन त्रिवेदी ने आशा व्यक्त की कि डीएलसी सुपवा इस आयोजन को दूर-दराज तक के क्षेत्र में लेकर आएगा। फिल्म अभिनेता विक्रम कोचर ने भा उपस्थित जन को संबोधित किया।

सीएम नायब सिंह सैनी के ओएसडी वीरेंद्र बड़खालसा ने इस शानदार आयोजन के लिए विवि प्रशासन एवं छात्रों की भरपूर प्रशंसा की। उन्होंने विवि परिवार को इस भव्य आयोजन के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की तरफ से भी शुभकामनाएं दी।

कुलपति डॉ. अमित आर्य ने कहा कि नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा ने भारंगम के 25वें संस्करण का आयोजन करने के लिए सुपवा को चुना, जो अत्यंत गौरव की बात है। उन्होंने सारंग महोत्सव को पुर्नजीवित करने की बात साझा करते हुए कहा कि विवि द्वारा भविष्य में इस प्रकार के बड़े आयोजन नियमित रूप से करने के लिए वृहद रोड मैप तैयार किया जा रहा है। इससे पहले कुलसचिव डॉ. गुंजन मलिक मनोचा ने चार दिवसीय समारोह की गतिविधियों का संक्षिप्त विवरण दिया तथा सभी का आभार व्यक्त किया। 

सारंग के अंतिम दिन रंगमंच, संगीत, नृत्य, कविता पाठ, लोक नृत्य व संवाद सत्रों का आयोजन किया गया, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों की कला व संस्कृति की झलक दिखी। विवि के 50 छात्रों ने कथक, भरतनाट्यम, रंगमंच, बॉडी मूवमेंट थियेटर, भंगड़ा, कव्वाली, संगीत की प्रस्तुति दी। शुरुआत प्रभु वंदना से हुई। कलाकारों ने वैष्णव भक्ति आंदोलन से जुड़े असम के शास्त्रीय नृत्य में कृष्ण की लीलाओं को स्टेज पर प्रदर्शित किया। वहीं, सुधीर रेखरी के बैंड की शानदार म्यूजिक प्रस्तुति पर दर्शक झूम उठे।