जल संचय जन भागीदारी अभियान के तहत निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करें अधिकारीः एडीसी नरेंद्र कुमार
रोहतक, गिरीश सैनी। अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे जल शक्ति अभियान के लिए केंद्र सरकार की जल संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से शुरू किये गए जल संचय-जन भागीदारी कार्यक्रम के अंतर्गत जिला में जल संरक्षण के निर्धारित लक्ष्य को पूर्ण करने के लिए गंभीरता से कार्य करें। यह पहल जल संरक्षण को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसका शुभारंभ 6 सितंबर 2024 को गुजरात के सूरत से माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्चुअल माध्यम से किया गया था।
एडीसी नरेंद्र कुमार ने जल संचय-जन भागीदारी अभियान के संदर्भ में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि अभियान के तहत देशभर में वर्ष 2026 तक एक करोड़ (10 मिलियन) कृत्रिम रिचार्ज संरचनाओं के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिला में 500 कृत्रिम रिचार्ज संरचनाओं का लक्ष्य रखा गया है, जिससे संबंधित विभाग जल्दी से जल्दी पूरा करवाये। जल संचय जन भागीदारी के माध्यम से वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण एवं जल भंडारण क्षमता में वृद्धि पर विशेष बल दिया जा रहा है।
अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा वीबी जी राम जी में जल संरक्षण को प्राथमिकता दी गई है। संशोधित प्रावधानों के अनुसार इसके तहत जल संबंधित कार्यों के लिए अनिवार्य बजट आवंटन सुनिश्चित किया गया है। सेफ ब्लॉकों में 30 प्रतिशत, अर्ध-संकटग्रस्त ब्लॉकों में 40 प्रतिशत तथा ओवर-एक्सप्लोइटेड एवं क्रिटिकल ब्लॉकों में 65 प्रतिशत बजट आवंटन का प्रावधान किया गया है।
केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के सहायक निदेशक आशीष कुमार ने कहा कि अपलोड की जाने वाली संरचनाओं की प्रारंभ एवं पूर्णता तिथि 1 जून 2025 से 31 मई 2026 के मध्य होनी चाहिए तथा सभी फोटो जियो-टैग्ड हों। अधिकारी जल संरक्षण कार्यों में जनभागीदारी सुनिश्चित करते हुए अधिक से अधिक कृत्रिम रिचार्ज संरचनाओं, चेक डैम, परकोलेशन पोंड आदि का निर्माण करवायें। बैठक में सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता राजीव राठी तथा अन्य संबंधित विभागों के उच्च अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।

Girish Saini 

