ओडीएफ प्लस से गांवों में स्वच्छता के साथ सतत विकास का लक्ष्यः डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान
सिंघड़ा में ओडीएफ प्लस वेरिफिकेशन का निरीक्षण, शौचालय, कचरा प्रबंधन और सार्वजनिक स्थलों की व्यवस्था जांची
करनाल, गिरीश सैनी। गांवों को खुले में शौच से मुक्त बनाने के साथ स्वच्छता व्यवस्था को स्थायी रूप देने के उद्देश्य से ओडीएफ प्लस वेरिफिकेशन अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान, नीलोखेड़ी के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने निसिंग खंड के सिंघड़ा गांव का दौरा कर ग्राम पंचायत की वेरिफिकेशन प्रक्रिया का जायजा लिया।
डॉ. चौहान ने कहा कि ओडीएफ प्लस का उद्देश्य केवल खुले में शौच से मुक्ति तक सीमित नहीं है। गांवों में स्वच्छता, ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन और स्वच्छ व्यवहार को स्थायी बनाना भी इसका अहम हिस्सा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी से ही स्वच्छता व्यवस्था को लंबे समय तक प्रभावी बनाया जा सकता है।
वेरिफिकेशन के दौरान ग्राम पंचायत में व्यक्तिगत व सामुदायिक शौचालयों की उपलब्धता और उपयोग, ठोस-तरल कचरा प्रबंधन, गंदे पानी की निकासी, गलियों व सार्वजनिक स्थानों की सफाई तथा कचरे के पृथक्करण सहित विभिन्न व्यवस्थाओं की जांच की गई। संस्थान के संसाधन व्यक्ति संजीव कुमार और नारायण दत्त ने गांव में इन व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
टीम ने ग्रामीणों से बातचीत कर शौचालयों के उपयोग, कचरा प्रबंधन और स्वच्छता व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। ग्रामीणों से गांव को स्वच्छ बनाए रखने में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया गया।
ग्राम पंचायत की सरपंच कमलजीत कौर ने बताया कि स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। ग्राम सचिव अजय ने कहा कि ओडीएफ प्लस से जुड़ी व्यवस्थाओं के नियमित रखरखाव और ग्रामीणों को जागरूक करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस दौरान ग्राम पंचायत प्रतिनिधि, ग्रामीण तथा संबंधित अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

Girish Saini 

