नर्सरी पंजीकरण अनिवार्य, नियम तोड़े तो एक लाख तक जुर्मानाः उपायुक्त सतबीर सिंह

नर्सरी पंजीकरण अनिवार्य, नियम तोड़े तो एक लाख तक जुर्मानाः उपायुक्त सतबीर सिंह

रोहतक, गिरीश सैनी। हरियाणा में बागवानी पौधशालाओं के संचालन के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया गया है। उपायुक्त सतबीर सिंह ने जिले के सभी नर्सरी संचालकों को हरियाणा बागवानी पौधशाला अधिनियम, 2025 और नियम, 2026 के प्रावधानों की पूर्ण पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि नए नियमों का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री उपलब्ध करवाने के साथ किसानों के हितों की रक्षा करना है।

उपायुक्त ने बताया कि नर्सरी संचालकों को विभाग की वेबसाइट hortharyana.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। फलीय पौधों के लिए लाइसेंस फीस 20 हजार रुपये और अन्य बागवानी पौधों के लिए 10 हजार रुपये निर्धारित है। नवीनीकरण फीस क्रमशः 10 हजार और 5 हजार रुपये होगी। लाइसेंस समाप्त होने से कम से कम 30 दिन पहले नवीनीकरण आवेदन करना होगा। देरी पर 2 हजार रुपये विलंब शुल्क लगेगा।

लाइसेंस के लिए निर्धारित न्यूनतम मानक भी जरूरी हैं। फलीय पौधों की नर्सरी में संबंधित पौधों के ज्ञात वंशावली वाले कम से कम 25 मातृ पौधे तथा न्यूनतम एक एकड़ भूमि होना आवश्यक है। अन्य बागवानी पौधों के लिए कम से कम 1,000 वर्ग मीटर भूमि जरूरी है। भूमि स्वामित्व में होनी चाहिए या निर्धारित अवधि का पंजीकृत पट्टा होना चाहिए। संचालक को मान्य संस्थान से कम से कम एक सप्ताह के प्रशिक्षण का प्रमाण-पत्र और मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला की मिट्टी संबंधी परीक्षण रिपोर्ट भी देनी होगी।

आवेदन के बाद नर्सरी का निरीक्षण किया जाएगा और शर्तें पूरी होने पर ऑनलाइन लाइसेंस जारी होगा। आवेदन पर 90 दिनों के भीतर निर्णय किया जाएगा। लाइसेंस पांच वर्ष के लिए वैध होगा और निर्धारित शर्तों के तहत इसका नवीनीकरण कराया जा सकेगा।

फलीय पौधों की गुणवत्ता और पहचान पर विशेष जोर देते हुए नियमों में प्रत्येक पौधे पर किस्म, उपकिस्म, आयु, स्रोत और मूलवृंत की जानकारी वाला जलरोधक लेबल या क्यूआर कोड लगाना अनिवार्य किया गया है। नर्सरी संचालकों को खरीद-बिक्री का रिकॉर्ड, बिल और निर्धारित रजिस्टर भी रखना होगा।

लाइसेंस से संबंधित निर्णय के खिलाफ 45 दिनों के भीतर ऑनलाइन अपील की जा सकेगी। इसके लिए एक हजार रुपये फीस निर्धारित है। नियमों के उल्लंघन या अधिकृत अधिकारी के कार्य में बाधा डालने पर एक वर्ष तक कारावास अथवा एक लाख रुपये तक जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।

उपायुक्त ने किसानों से अपील की कि वे पौधे और पौध सामग्री केवल लाइसेंस प्राप्त नर्सरियों से खरीदें। खरीद के समय किस्म, स्रोत, मूलवृंत, लेबल/क्यूआर कोड की जांच करें और रसीद सुरक्षित रखें। उन्होंने अधिकारियों को नर्सरी संचालकों को नियमों के प्रति जागरूक करने और नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।