साझे संसाधनों से मजबूत होगा क्षमता वर्धन का तंत्रः डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान

उन्नति पोर्टल से जुड़ेंगे प्रशिक्षण संस्थान, संसाधनों के बेहतर उपयोग पर जोर।

साझे संसाधनों से मजबूत होगा क्षमता वर्धन का तंत्रः डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान

नीलोखेड़ी, गिरीश सैनी। भारत सरकार के क्षमता विकास आयोग की ओर से उन्नति पोर्टल को लेकर आयोजित ऑनलाइन बैठक में सरकारी प्रशिक्षण संस्थानों को साझा मंच से जोड़ने, प्रशिक्षण संसाधनों के बेहतर उपयोग और क्षमता वर्धन की गतिविधियों को प्रभावी बनाने पर चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान (हिपा) के महानिदेशक मनोज यादव, आईपीएस ने की। विभिन्न विभागों एवं सरकारी प्रशिक्षण संस्थानों के अधिकारियों ने इसमें भाग लिया।

हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने उन्नति पोर्टल को देशभर की सरकारी प्रशिक्षण संस्थाओं को एक मंच पर लाने की महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के प्रशिक्षण संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय से उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग किया जा सकेगा और क्षमता वर्धन के प्रयासों को नई गति मिलेगी।

डॉ. चौहान ने बताया कि हरियाणा के विभिन्न प्रशिक्षण संस्थानों को भी क्रमवार उन्नति पोर्टल से जोड़ा जा रहा है। इससे संस्थानों के बीच ज्ञान, प्रशिक्षण सामग्री और विशेषज्ञता के आदान-प्रदान के अवसर बढ़ेंगे तथा प्रशिक्षण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

उन्होंने क्षमता विकास आयोग को सुझाव दिया कि उन्नति पोर्टल के दायरे में निर्वाचित प्रतिनिधियों, अनुबंध आधारित कार्मिकों और स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रशिक्षण को भी शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण की जरूरत वाले इन वर्गों को व्यवस्था से जोड़ने पर क्षमता वर्धन का दायरा व्यापक होगा और इसके परिणाम अधिक प्रभावी होंगे।

बैठक में उन्नति टीम की प्रिंसिपल एडवाइजर चंद्रलेखा ने पोर्टल की कार्यप्रणाली और उपयोगिता की जानकारी दी। उन्होंने प्रशिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग, ज्ञान एवं संसाधनों के आदान-प्रदान तथा साझा प्रशिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने में पोर्टल की भूमिका पर प्रकाश डाला।

एचआईआरडी के सहायक आचार्य कमलदीप सांगवान ने भी बैठक में प्रशिक्षण संस्थानों के बीच समन्वय और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग से जुड़े बिंदुओं पर जानकारी साझा की। इस दौरान प्रशिक्षण संस्थानों को पोर्टल से जोड़ने और क्षमता वर्धन की गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाने पर व्यापक विचार-विमर्श हुआ।