नीलोखेड़ी के गौरवशाली इतिहास को पुनर्जीवित करेगा नीलोखेड़ी उत्सवः डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान
आयोजन को लेकर हुआ मंथन।
नीलोखेड़ी, गिरीश सैनी। नीलोखेड़ी की ऐतिहासिक विरासत को पुनर्जीवित करने तथा उसके गौरवशाली अतीत के आधार पर भविष्य की योजनाओं को दिशा देने के उद्देश्य से हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने वार्षिक नीलोखेड़ी उत्सव आयोजित करने का प्रस्ताव रखा है।
डॉ. चौहान ने अपने निवास पर नगर पालिका अध्यक्ष सनमीत कौर आहूजा सहित अन्य गणमान्य नागरिकों के साथ विचार-विमर्श करते हुए कहा कि नीलोखेड़ी परियोजना देश में सामुदायिक विकास का एक अद्वितीय प्रयोग रही है, जिसकी स्थापना पश्चिमी पंजाब से आए विस्थापितों के पुनर्वास के लिए की गई थी। उन्होंने इंजीनियर एस.के. डे द्वारा लिखित पुस्तक -नीलोखेड़ी का उल्लेख करते हुए बताया कि लगभग साढ़े पाँच सौ एकड़ दलदली एवं जंगली भूमि पर भारत सरकार से प्राप्त पाँच लाख रुपये के प्रारंभिक अनुदान से इस नए नगर की स्थापना का कार्य शुरू हुआ था। जैसे-जैसे इस नगर का विकास हुआ, तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की इसमें विशेष रुचि बढ़ी और उन्होंने स्नेहपूर्वक इसे अपनी बेटी कहकर संबोधित किया।
डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि प्रारंभिक दौर में नीलोखेड़ी न केवल देशभर में चर्चित रहा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसे ग्रामीण विकास के एक सफल मॉडल के रूप में पहचान मिली। उन्होंने कहा कि सहकारिता, सह-अस्तित्व और सामुदायिक विकास के सिद्धांतों पर आधारित ये प्रयोग समय के साथ किन कारणों से कमजोर पड़ा, इसकी समीक्षा भी इस पहल के तहत की जाएगी। साथ ही, अतीत के अनुभवों से सीख लेते हुए भविष्य की नई विकास रूपरेखा तैयार की जाएगी। उन्होंने विशेष उल्लेख किया कि 1950 के दशक में नीलोखेड़ी की ख्याति इतनी बढ़ गई थी कि द न्यूयॉर्क टाइम्स और द वाशिंगटन पोस्ट जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय समाचार पत्रों में भी इस पर लेख प्रकाशित हुए थे।
डॉ. चौहान ने बताया कि जुलाई 1948 में इस परियोजना की शुरुआत हुई थी, जब इस नगर का निर्माण करने वाले विस्थापितों के पहले कदम शेरशाह सूरी मार्ग के 45वें मील पत्थर के समीप पड़े थे। इसी ऐतिहासिक संदर्भ को ध्यान में रखते हुए जुलाई माह के दूसरे या तीसरे सप्ताह में नीलोखेड़ी उत्सव आयोजित करना उपयुक्त रहेगा। उन्होंने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से नीलोखेड़ी की परिकल्पना करने वाले एस.के. डे से लेकर वर्तमान समय तक की विकास यात्रा को विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से पुनः प्रस्तुत किया जाएगा।
नगर पालिका अध्यक्ष सनमीत कौर आहूजा ने इस प्रस्ताव को एक उत्कृष्ट एवं दूरदर्शी पहल बताते हुए कहा कि इसे सफल बनाने के लिए नगर पालिका की ओर से हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।
डॉ. चौहान ने बताया कि इस संबंध में नीलोखेड़ी से विधायक भगवानदास कबीरपंथी के साथ शीघ्र ही विस्तृत चर्चा की जाएगी तथा नगर पालिका व विभिन्न सामाजिक संगठनों के परामर्श से कार्यक्रम का अंतिम स्वरूप तय किया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह उत्सव न केवल नीलोखेड़ी के गौरवशाली इतिहास को पुनर्जीवित करेगा, बल्कि नई पीढ़ी को प्रेरित करते हुए भविष्य के विकास की नई दिशा भी तय करेगा।
इस दौरान सतनाम सिंह आहुजा, भाजपा मंडल उपाध्यक्ष लवली कुकरेजा, मनोनीत पार्षद एडवोकेट राजेश शर्मा, राजेश शर्मा, कपिल बक्शी, गुरमीत सिंह, पार्षद मुकेश शीर्षवाल, राहुल राणा, भाजपा आईटी सेल प्रभारी बलकार सिंह सैनी, डॉ. वजीर सिंह सहित अन्य गणमान्य जन मौजूद रहे।

Girish Saini 

