16 वर्षीय ब्रेन डेड युवा के अंगदान से 6 घरों को मिली जिंदगी

हरियाणा में पहली बार एयरलिफ्ट हुए ऑर्गनः कुलपति डॉ एच.के. अग्रवाल

16 वर्षीय ब्रेन डेड युवा के अंगदान से 6 घरों को मिली जिंदगी

रोहतक, गिरीश सैनी। एक सड़क दुर्घटना के बाद ब्रेन डेड घोषित हुए एक 16 वर्षीय युवा के परिवार ने अपने असीम दुख के आगे मानवता को अहमियत देते हुए उसके अंग दान किए। हरियाणा में पहली बार आर्गन एयरलिफ्ट कर दूसरे अस्पताल तक पहुंचाए गए। पं. भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विवि के कुलपति डॉ एच.के. अग्रवाल ने इसे मात्र एक चिकित्सा प्रक्रिया नहीं, बल्कि संवेदनाओं, त्याग और उम्मीद का अद्भुत संगम बताया।

रविवार को पीजीआईएमएस के ट्रॉमा सेंटर में अंगदान करने वाले परिवार को सांत्वना देने पहुंचे कुलपति डॉ एच.के. अग्रवाल ने कहा कि ये परिवार हमारे समाज के लिए प्रेरणा है, क्योंकि अभी गत दिनों ही इस युवा के पिता की भी इसी सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। अपने सबसे कठिन समय में भी उन्होंने दूसरों के बारे में सोचते हुए त्याग और मानवता की सर्वोच्च मिसाल कायम की।

कुलपति डॉ एच.के. अग्रवाल ने बताया कि युवक का लिवर इंस्टीट्यूट ऑफ लीवर और बिलियरी साइंसेज, नई दिल्ली को भेजा गया, जहां उससे दो मरीजों को नई जिंदगी मिलेगी। इसके अलावा उसकी एक किडनी पीजीआईएमएस, रोहतक में ही एक जरूरतमंद मरीज को दी गई, जबकि दूसरी किडनी आर्मी के कमांड हॉस्पिटल, चंडीमंदिर को आवंटित की गई। उन्होंने बताया कि दोनों कॉर्निया भी पीजीआईएमएस, रोहतक को आवंटित किए गए, जिससे दो नेत्रहीन व्यक्तियों को दृष्टि मिल सकेगी। इस प्रकार इस 16 वर्षीय युवा ने अपने जाने के बाद भी 6 घरों में रोशनी और खुशियां भर दीं।

सड़क दुर्घटना में घायल होने का बाद पीजीआईएमएस, रोहतक के ट्रामा सेंटर में भर्ती इस युवा के जीवन की डोर जब टूट गई, तब उसके परिजनों ने ऐसा निर्णय लिया जो किसी भी साधारण इंसान के लिए बेहद कठिन होता है। अपने बेटे को खोने के असीम दुख के बीच उन्होंने दूसरों की जिंदगी बचाने का रास्ता चुना।

कुलपति डॉ. एच.के अग्रवाल ने कहा कि इस अंगदान प्रक्रिया का सबसे विशेष पहलू यह रहा कि चंडीमंदिर स्थित आर्मी कमांड हॉस्पिटल से डॉक्टरों की टीम हेलीकॉप्टर द्वारा बाबा मस्तनाथ विवि के हेलीपैड पहुंची। वहां से आर्गन एयरलिफ्ट कर तुरंत कमांड हॉस्पिटल ले जाया गया, क्योंकि हर सेकंड कीमती था।

उन्होंने आम जन से अपील की कि स्वयं और अपने आसपास अंगदान को लेकर जागरूकता फैलाएं। अंगदान जागरूकता मुहिम में सहयोग के लिए उन्होंने मीडिया संस्थानों का भी आभार व्यक्त किया।

निदेशक डॉ. एस.के सिंघल ने कहा कि ये घटना न केवल चिकित्सा क्षेत्र की एक उपलब्धि है, बल्कि समाज के लिए भी संदेश है कि जीवन पूरा होने के बाद भी हम किसी के काम आ सकते हैं।

अंगदान मुहिम को सराहते हुए समाजसेवी राजेश जैन ने युवक के परिवार को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यदि हर व्यक्ति अंगदान के संदेश को समझे और अपनाए, तो हजारों जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।

थलसेना कमांडर (पश्चिमी कमान) ने इस मुहिम में शामिल सभी कर्मियों की सराहना करते हुए दोहराया कि सेना प्रत्येक सैनिक और उसके परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। जीवन बचाने के लिए हम सभी संसाधनों का उपयोग करते रहेंगे। कर्नल अनुराग ने बताया कि अस्पताल से प्रत्यारोपण केंद्र तक अंग को पहुंचाने के लिए सेना के हेलीकॉप्टर को तत्काल कार्य पर लगाया गया, जिससे महत्वपूर्ण समय की बचत हुई और अंग की व्यवहार्यता सुनिश्चित हो सकी।

हरियाणा की स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री आरती सिंह राव ने 16 वर्षीय ब्रेन डेड किशोर का अंगदान कर 6 लोगों को नया जीवन देने वाले परिवार का आङार व्यक्त करते हुए इसे पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा बताया। उन्होंने कहा कि पीजीआईएमएस, रोहतक में एक महीने में ये तीसरा अंगदान है, जिसके लिए कुलपति डॉ एच.के. अग्रवाल और उनकी टीम बधाई की पात्र है। स्वास्थ्य मंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि अंगदान को अपना धर्म बनाइए। मृत्यु अटल है, लेकिन हम तय कर सकते हैं कि हमारी मृत्यु भी किसी के जीवन का कारण बने।