नई तकनीक से बदलेंगे गांवों की तस्वीर और तकदीरः डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान

4700 करोड़ की ग्रामीण विकास राशि के प्रभावी उपयोग पर जोर, जीआईएस से बेहतर होगी योजनाओं की निगरानी

नई तकनीक से बदलेंगे गांवों की तस्वीर और तकदीरः डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान

नीलोखेड़ी, गिरीश सैनी। हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि ग्रामीण विकास योजनाओं की सफलता केवल बजट से नहीं, बल्कि बेहतर नियोजन, पारदर्शी क्रियान्वयन और प्रभावी उपयोग से सुनिश्चित होती है। आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से गांवों की विकास योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। वे दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे।

ग्रामीण विकास एवं वीजीपीपी में भू-सूचना तंत्र की भूमिका विषय पर आयोजित प्रशिक्षण का शुभारंभ डॉ. चौहान ने दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से ग्रामीण क्षेत्रों की वास्तविक जरूरतों के आधार पर योजनाओं के नियोजन और क्रियान्वयन का आह्वान किया।

डॉ. चौहान ने बताया कि वीबीजी राम जी योजना के तहत अगले पांच वर्षों में देश में 7.5 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाने का प्रावधान है। हरियाणा में इस अवधि में करीब 4700 करोड़ रुपये खर्च होंगे। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी राशि ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने का महत्वपूर्ण अवसर है। अधिकारियों को इसका सदुपयोग सुनिश्चित करते हुए गांवों के विकास को गति देनी चाहिए।

उन्होंने बताया कि योजना के तहत अनुमेय कार्यों की सूची में पहले 318 कार्य शामिल थे, जिसे जून में 57 नए कार्य जोड़कर 375 कार्यों तक बढ़ाया गया है। उन्होंने अधिकारियों से इन प्रावधानों की जानकारी रखते हुए पात्र और जरूरी कार्यों का बेहतर नियोजन करने को कहा।

डॉ. चौहान ने कहा कि भू-सूचना तंत्र (जीआईएस) के माध्यम से विकास योजनाओं की मैपिंग, आंकड़ों का विश्लेषण, कार्यों की निगरानी और प्राथमिकताओं का निर्धारण अधिक व्यवस्थित ढंग से किया जा सकता है।

कार्यक्रम समन्वयक कमलदीप सांगवान ने बताया कि प्रशिक्षण में जीआईएस आधारित मैपिंग, आंकड़ा विश्लेषण और विकास कार्यों की निगरानी के व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी जा रही है। इस दौरान सुशील मेहता, संदीप कुमार, गुरबिंदर सिंह सहित अधिकारी, कर्मचारी और प्रशिक्षणार्थी मौजूद रहे