दोआबा कॉलेज में पवित्र हवन यज्ञ ‘दीक्षा आरम्भ’ के साथ नए शैक्षणिक सत्र का आरम्भ 

दोआबा कॉलेज में पवित्र हवन यज्ञ ‘दीक्षा आरम्भ’ के साथ नए शैक्षणिक सत्र का आरम्भ 
दोआबा कालेज में आयोजित हवन यज्ञ में आहुति डालते हुए श्री चन्द्र मोहन, प्रि. डॉ. प्रदीप भण्डारी, स्टाफ व विद्यार्थी । 

जालन्धर, 24 जुलाई, 2026: दोआबा कॉलेज की विद्यार्थी कल्याण समिति द्वारा नवीन शैक्षणिक सत्र 2026 के शुभारम्भ के अवसर पर ‘दीक्षा आरम्भ’ के अंतर्गत एक पवित्र हवन यज्ञ का आयोजन अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं वैदिक परंपरा के अनुरूप किया गया ।
     इस पावन अवसर पर आर्य शिक्षा मंडल एवं कॉलेज प्रबंध समिति के अध्यक्ष श्री चंद्र मोहन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनका स्वागत कॉलेज के प्रि. डॉ. प्रदीप भंडारी, प्राध्यापकों, गैर-शिक्षण कर्मचारियों तथा विद्यार्थियों द्वारा हार्दिक रूप से किया गया।
     संपूर्ण महाविद्यालय परिसर वैदिक मंत्रोच्चारण एवं भक्तिमय भजनों की मधुर ध्वनि से गुंजायमान हो उठा। श्रद्धापूर्वक सम्पन्न हुए हवन यज्ञ के माध्यम से महाविद्यालय परिवार के सभी सदस्यों के लिए शांति, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य, ज्ञान एवं सफलता की मंगलकामना की गई। यज्ञ की पावन अग्नि, धूप-धूनी की सुगंध तथा वैदिक मंत्रों के उच्चारण ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा एवं सकारात्मकता से भर दिया। इस अवसर पर नवप्रवेशी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य एवं सफल शैक्षणिक जीवन के लिए भी विशेष प्रार्थना की गई।
     अपने अध्यक्षीय संबोधन में श्री चंद्र मोहन ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान प्रदान करने वाले नहीं, बल्कि उनके मार्गदर्शक एवं जीवन-निर्माता भी हैं। उन्होंने कहा, “महाविद्यालय आपको उड़ान भरने के लिए पंख दे सकता है, परंतु उन पंखों से उड़ना आपके अपने संकल्प, परिश्रम और लक्ष्य-निष्ठा पर निर्भर करता है।” उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने, देश-दुनिया की समसामयिक घटनाओं से निरंतर अवगत रहने, विविध क्षेत्रों का ज्ञान अर्जित करने तथा एक जागरूक, उत्तरदायी एवं आदर्श नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया।
    अपने स्वागत संबोधन में प्रि. डॉ. प्रदीप भंडारी ने विद्यार्थियों का 85 वर्ष पुरानी गौरवशाली शिक्षण संस्था में हार्दिक स्वागत किया। उन्होंने कहा, “यह आपके जीवन का एक नया अध्याय है।” उन्होंने वर्तमान युग में सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से नियमित रूप से कक्षाओं में उपस्थित रहने, अनुशासन का पालन करने, अपने गुरुजनों एवं बड़ों का सम्मान करने तथा उच्च नैतिक मूल्यों एवं उत्कृष्ट चरित्र को अपने जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया।
     कार्यक्रम का समापन प्रो. सुरजीत कौर- इवेंट कोर्डिनेटर द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। अंत में उपस्थित सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों को पवित्र प्रसाद वितरित किया गया। आध्यात्मिक ऊर्जा, सकारात्मक संकल्प और नई आशाओं से ओत-प्रोत यह आयोजन नवप्रवेशी विद्यार्थियों के लिए एक प्रेरणादायक एवं अविस्मरणीय अनुभव सिद्ध हुआ।